फोन को चार्ज करने से है मोटापे का संबंध
अक्सर सोते वक्त हम मोबाइल फोन को चार्ज पर लगा देते हैं या लैपटॉप चार्ज करते हैं। लेकिन हमारी यह आदत हमारे लिए सेहत से जुड़े बड़े खतरे का सबब हो सकती है।
डेलीमेल पर प्रकाशित शोध की मानें तो सोने के कमरे में फोन या लैपटॉप चार्ज करने वाले लोगों को मोटापे का खतरा अधिक होता है।
स्पेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रनाडा के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में माना है कि बेडरूम में फोन या लैपटॉप चार्ज करने वाले लोगों को मोटापा, अनिद्रा, मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्या और मधुमेह का रिस्क अधिक रहता है।
कैसे नुकसान पहुंचाता है फोन या लैपटॉप?
शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान पाया कि बेडरूम में सोते वक्त फोन चार्ज करने पर उससे निकलने वाली धीमी रोशनी शरीर में नींद को नियंत्रित करने वाले हार्मोन को प्रभावित करती है जिससे उठने पर अधिक भूख लगती है।
इसका मतलब यह नहीं है कि बेडरूम में नाइटलैंप की रोशनी भी नुकसानदायक है। शोधकर्ताओं का दावा है कि गैजेट्स से निकलने वाली हल्की नीली रोशनी शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है इसलिए हमें सोते वक्त अपने आसपास फोन या को अन्य गैटेज नहीं चार्ज करना चाहिए।