गुरु पूर्णिमा 2018: यह दिन हर किसी के लिए इसलिए है खास, आप भी शेयर करें अपने अनुभव
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दुनिया में सबसे ऊंचा स्थान अगर किसी का होता है तो वो है आपके गुरु का।गुरु के प्रति इस आदर सम्मान को व्यक्त करने के लिए आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस बार यह 27 जुलाई 2018 को मनाई जाएगी। भारतवर्ष में कई विद्वान गुरु हुए हैं, किन्तु महर्षि वेद व्यास प्रथम विद्वान थे, जिन्होंने सनातन धर्म (हिन्दू धर्म) के चारों वेदों की व्याख्या की थी। बता दें, गुरु पूर्णिमा के दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्म हुआ था।वह संस्कृत के बहुत बड़े विद्वान थे जिन्होंने चारों वेदों की रचना की थी। यही वजह है कि उनका एक नाम वेद व्यास रखा गया। इतना ही नहीं उन्हें आदिगुरु के नाम से भी पहचाना जाता है।खास बात यह है कि उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
आइए इस खास दिन हम सब अपने गुरुओं की दी हुई उस शिक्षा को एक बार फिर याद करें जिसकी वजह से हम अपने पैरों पर खड़े हो पाने में सक्ष्म हुए हैं। आप हमें कमेंट करके भी बता सकते हैं कि आप अपने गुरु के बारे में क्या महसूस करते हैं या फिर उनकी कौन सी बात आज भी आपको जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ने की प्रेरणा देती है।