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महज छह सेकेंड की कसरत आपको रख सकती है फिट

Wed, 30 Jul 2014 09:31 AM IST
Updated Wed, 30 Jul 2014 09:31 AM IST
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These can work to stay fit jp

स्कॉटलैंड के शोधकर्ताओं का कहना है कि छह सेकेंड की छोटी सी अवधि में अगर भारी व्यायाम किया जाए तो नौजवान ही नहीं बल्कि बुजुर्गों की सेहत भी बेहतर हो सकती है।

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12 लोगों पर किए गए प्रारंभिक अध्ययन में कम अवधि के व्यायाम से रक्तचाप और सामान्य स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह अध्ययन किसी भी उम्र में किए गए कसरत के फायदों को सामने लाता है।एबेर्टे यूनिवर्सिटी के एक दल का मानना है कि इससे बड़ी उम्र के लोगों पर होने वाले 'भारी' खर्चे में कमी आएगी।
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इस अध्ययन में सेवानिवृत्त लोगों का एक समूह प्रयोगशाला में हर सप्ताह में दो बार आता था और एक विशेष बाइक पर छह सेकेंड व्यायाम करता था।ऐसा उन्होंने लगातार छह सप्ताह तक किया। डॉक्टर जॉन बैबराज कहते हैं, "ढेर सारी बीमारियां अधिक समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली से संबंधित हैं जैसे हृद्य से जुड़ी बीमारियां और डायबिटीज लेकिन अगर हम लोगों को सक्रिय रखते हैं तो इस तरह के ख़तरे को कम कर सकते हैं।" आगे बताते हैं, "इससे बुजुर्गों की सामाजिक सक्रियता बढ़ेगी और वे ज़्यादा लोगों के साथ मेलजोल बढ़ाएंगे।"
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क्या कहते हैं नतीजे?

इस शोध के नतीजे जर्नल ऑफ़ अमरीकन जेरीएट्रिक्स में प्रकाशित हुए, जो बताते हैं कि अध्ययन में शामिल लोगों के रक्तचाप में नौ फीसदी तक की कमी आई।अध्ययन के मुताबिक़ प्रतिभागियों की मांसपेशियों में ऑक्सीजन के प्रवाह की क्षमता में बढ़ोत्तरी हुई। इससे उनके लिए रोज़मर्रा की गतिविधियों जैसी अपनी कुर्सी से उठना और कुत्तों को टहलाने के लिए ले जाने जैसे काम उनके लिए आसान हुए।

डॉक्टर बैबराज कहते हैं कि घर पर भी लोग इस तरह का व्यायाम कर सकते हैं. लेकिन पहले उनको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए कि उनको स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्या तो नहीं है। कितना सुरक्षित? इस अध्ययन के बारे में सवाल उठाया जा रहा है कि छोटी अवधि के भारी शारीरिक व्यायाम सामान्य व्यायाम से कितने सुरक्षित होंगे। व्यायाम के कारण तेज़ हृदयगति और रक्तचाप में बढ़ोत्तरी से दिल का दौरा पड़ सकता है और सदमा पहुंच सकता है।


इसके बारे में डॉक्टर बैबराज कहते हैं कि लंबी अवधि तक दौड़ने के कारण ''दिल पर ज़्यादा दबाव पड़ता है', और छोटी अवधि के लिए उच्च तीव्रता वाले प्रशिक्षण में कठोर श्रम किया जाए तो भी ऐसा होता है।उन्होंने कहा कि अभी लंबी अवधि के परीक्षण पर विचार हो रहा है ताकि बड़ी उम्र के लोगों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।



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