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ज्यादा उदासी और हंसी भी है घातक, हो सकते हैं इस बीमारी के शिकार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Mon, 08 Apr 2019 01:44 PM IST
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कोई भी चीज जब तक दायरे में हो तब तक ही ठीक होती है। हंसना, खुश रहना स्वास्थ और जीवन दोनों के लिए उत्तम है लेकिन आपको बता दें की हद से ज्यादा खुश रहना और उदास रहना भी आपके लिए हानिकारक है। अगर आप हर दो मिनट में खुश हो जाते हैं फिर अचानक दुखी हो जाते हैं तो सचेत हो जाइए, इससे गंभीर दिमागी बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
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यह एक मानसिक बीमारी बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण हैं। बाइपोलर ऐसी मानसिक बीमारी है जिसमें दिल और दिमाग लगातार या तो बहुत उदास रहता है या तो बहुत ही ज्यादा खुश रहता है। मनोचिकित्सकों के अनुसार, यह बीमारी 100 लोगों में से एक व्यक्ति को होती है। इस बीमारी की शुरुआत 19 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में अधिक देखने को मिलती है।
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इस बीमारी से पुरुष और महिलाएं दोनों प्रभावित होते हैं। पुरुष 60 प्रतिशत और महिलाएं 40 प्रतिशत प्रभावित होती हैं। यह बीमारी 40 साल के ऊपर के लोगों में कम होती है। देश में पहली बार स्वास्थ्य विभाग ने करीब 35 हजार लोगों को सम्मिलित कर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया, इसमें 0.3 प्रतिशत लोग इस बाइलोपर डिसऑर्डर से पीड़ित पाए गए।
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देश में करीब 0.3 प्रतिशत यानी 1000 में से 3 लोग इससे पीड़ित हैं। इस बीमारी में कई कारणों से लगभग 70 प्रतिशत लोगों का इलाज नहीं हो पाता है। कई लोग इसे सामान्य मानते हैं जिस वजह से मरीज का इलाज नहीं हो पाता है। इस बीमारी में मरीज के मन में उदासी, चिड़चिड़ापन, घबराहट, भविष्य के बारे में निराशा, ऊर्जा की कमी, अपने आप से नफरत, नींद की कमी, मन में रोने की इच्छा, आत्मविश्वास की कमी बनी रहती है।
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bipolar
मन में आत्महत्या के विचार आते रहते हैं। मरीज की कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है। कभी-कभी मरीज का बाहर निकलने का मन नहीं करता है। किसी से बातें करने का मन नहीं करता। इस तरह की उदासी दो हफ्तों से ज्यादा रहे तो इसे बीमारी समझकर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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