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शोध में खुलासा: पुरुषों में होता है ऐसा हार्मोन, जो करता है दीर्घकालिक सेहत की भविष्यवाणी

Wed, 09 Nov 2022 03:57 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Wed, 09 Nov 2022 03:57 PM IST
सार

शोध में मिले परिणाम के आधार पर शोधकर्ताओं ने पाया कि युवा अवस्था में पुरुषों में एक हार्मोन पाया जाता है, जो भविष्य में उनकी सेहत की भविष्यवाणी करता है। 

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Researchers discover INSL3 Hormones Can Predict Long Term Health Of men
हार्मोन की भूमिका - फोटो : Istock

विस्तार

पुरुषों की सेहत को लेकर नॉटिंघम विश्वविद्यालय में एक शोध किया गया है। इस शोध में मिले परिणाम के आधार पर शोधकर्ताओं ने पाया कि युवा अवस्था में पुरुषों में एक हार्मोन पाया जाता है, जो भविष्य में उनकी सेहत की भविष्यवाणी करता है। पुरुष भविष्य में किसी तरह की विशिष्ट बीमारियों का शिकार हो सकते हैं, इस हार्मोन से पता चलता है। पुरुषों में पाए जाने वाले इस हार्मोन का नाम आईएनएसएल3 है, जो कि नोवल इंसुलिन जैसा है। युवावस्था में आईएनएसएल3 का स्तर जैसा होगा, वैसा ही उम्र बढ़ने पर होगा। आईएनएसएल3 का स्तर कम होने पर बीमारियों के खतरे की आशंका बढ़ जाती है।

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आईएनएसएल3 हार्मोन की भूमिका

नॉटिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक, नोवल इंसुलिन जैसा पेप्टाइड हार्मोन आईएनएसएल3, जो कि उम्र संबंधित बीमारियों की भविष्यवाणी करने के लिए एक अहम प्रारंभिक बायोमार्कर है, समय की विस्तारित अवधि के अनुरूप है। एंडोक्रिनोलाॅली में फ्रंटियर ने हाल के शोध निष्कर्ष को प्रकाशित किया। शोध के परिणाम के अनुसार, समान सेल जो टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करती है, वह आईएनएलएल3 का भी उत्पादन करती हैं। हालांकि टेस्टोस्टेरोन के विपरीत, आईएनएसएल3 स्थिर है। यौवन के दौरान इस हार्मोन का मूल स्तर स्थिर रहता है और बुढ़ापे में थोड़ा होने लगता है। किसी अन्य मापन योग्य संकेतों की तुलना में, किसी भी अन्य मापन योग्य संकेतकों की तुलना में, यह उम्र से संबंधित रुग्णता का पहला क्रिस्टल-क्लियर और भरोसेमंद बायोमार्कर है।
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बढ़ती उम्र में होने वाली शारीरिक समस्या

उम्र संबंधित रोगों में हड्डियां पतली होना, डायबिटीज, यौन रोग और ह्रदय रोग समेत कई अन्य शारीरिक और मानसिक बीमारियां शामिल हैं। इन सभी आईएनएसएल3 के रक्त स्तर के साथ सहसंबंध हैं। युवावस्था में जिस व्यक्ति का उच्च आईएनएलएल3 होता है, उम्र बढ़ने पर भी उनके आईएनएलएल3 का स्तर ऊंचा ही रहेगा। हालांकि कम उम्र में व्यक्ति में कम आईएनएसएल3 होने पर उम्र बढ़ने के साथ आईएनएसएल3 का स्तर भी कम हो जाएगा। ऐसे में सामान्य आयु संबंधित विकारों के विकसित होने की संभावना भी अधिक रहेगी। यह उम्र से संबंधित विकारों की आशंका और इन बीमारियों को विकसित होने से रोकने के लिए जल्दी हस्तक्षेप करने का तरीका जानने के लिए दिलचस्प क्षमता पैदा करता है। 
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क्या कहते हैं शोधकर्ता

इस शोध का नेतृत्व प्रोफेसर रविंदर आनंद इवेल और प्रोफेसर रिचर्ड इवेल ने किया है और यह हार्मोन पर हाल में हुए तीन अध्ययनों में सबसे नवीनतम है। शोध को लेकर प्रोफेसर रविंदर आनंद इवेल बताते हैं, ' बढ़ती उम्र की समस्याओं और फिटनेस के अंतर को कम करने के लिए यह शोध किया गया। समझने का प्रयास किया गया कि किस कारण से कुछ लोगों में उम्र के साथ विकलांगता और बीमारियों के विकसित होने की संभावना अधिक होती है। इस शोध के माध्यम से यह सुनिश्चित किए जाने का प्रयास किया गया कि लोग लंबा और सेहतमंद जीवन पा सकें। 

3000 पुरुषों के रक्त की जांच

प्रोफेसर इवेल का कहना है कि हमारी हार्मोन की खोज इसे समझने में एक महत्वपूर्ण कदम है और न केवल लोगों की व्यक्तिगत रूप से मदद करने का मार्ग प्रशस्त करेगी बल्कि सेहत पर होने वाले संकट को कम करने में भी मदद करेगी। टीम ने ब्रिटेन सहित यूरोप के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में फैले आठ क्षेत्रीय केंद्रों के 3,000 पुरुषों के रक्त के नमूनों की जांच दो बार की। निष्कर्षों से पता चला है कि टेस्टोस्टेरोन के विपरीत, लोगों में INSL3 का स्तर स्थिर रहता है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि सामान्य पुरुष आबादी में INSL3 रक्त सांद्रता में 10 गुना से अधिक उतार-चढ़ाव होता है।


प्रोफेसर रिचर्ड इवेल आगे कहते हैं, "अब हमें पता है कि यह हार्मोन बीमारी की भविष्यवाणी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह पुरुषों के बीच कैसे भिन्न होता है। ऐसे में हम यह पता लगाने के लिए अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि रक्त में आईएनएसएल 3 के स्तर पर कौन से कारक सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है शुरुआती जीवन में पोषण की भूमिका महत्वपूर्ण है।  

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नोट: यह लेख शोध के परिणाम के आधार पर तैयार किया गया है।

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