फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इस वजह से डायबिटीज के शुरूआती स्टेज का पता नहीं लगा पाते भारतीय

Wed, 24 Jul 2019 03:26 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क Published by: पंखुड़ी सिंह Updated Wed, 24 Jul 2019 03:26 PM IST
विज्ञापन
reason behind people pay attention on early stage of diabetes

आजकल के लाइफस्टाइल व खराब खान-पान के चलते डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी आम समस्या बन गई है। आकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मामले भारत में हैं। भारत की लगभग पांच फीसदी आबादी डायबिटीज जैकी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। कम जानकारी होने के चलते लोग डायबिटीज के लक्षणों को पहचान नहीं पाते हैं और समय पर उपचार न हो पाने के कारण लोग डायबिटीज के शिकार हो जाते हैं। 

reason behind people pay attention on early stage of diabetes

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का अनुमान है कि 2030 तक भारत में 9.8 करोड़ लोग डायबिटीज से जूझ रहे होंगे। दिक्कत ये है कि डायबिटीज के शुरूआती दौर में अधिकतर लोगों को इसका पता नहीं लगता, जिसकी वजह से इसे 'साइलेंट डिसीज' भी कहते हैं। शुरुआत में डायबिटीज के कुछ बहुत गंभीर लक्षण महसूस नहीं होते इसलिए लोग जांच नहीं कराते। 

reason behind people pay attention on early stage of diabetes
शुरूआती दौर में डायबिटीज का पता न लगने के पीछे बड़ी वजह ये है कि लोग अपना रेगुलर चेकअप नहीं कराते हैं। 30-35 की उम्र के बाद डॉक्टर सालाना हेल्थ चेकअप की सलाह देते हैं,जिसे लोग जरूरी नहीं समझते हैं। अगर लोग सालाना हेल्थ चेकअप कराएं या कोई भी लक्षण नजर आने पर टेस्ट कराएं, तो डायबिटीज का जल्दी पता चलेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
reason behind people pay attention on early stage of diabetes
- फोटो : pixabay
समय पर बीमारी का पता न लग पाने कि एक बड़ी वजह जागरूकता भी है। जैसे डायबिटीज की फॅमिली हिस्ट्री पर ध्यान ना देना, अपने वजन पर ध्यान न देना, शारीरिक गतिविधियों न करना जैसी चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। डायबिटीज से पहले एक स्टेज होती है, जिसे प्री-डायबिटीज कहते हैं, इस पर ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते। उनके मुताबिक हमारे देश में जितने डायबिटिक लोग हैं, उतने ही प्री-डायबिटिक लोग भी हैं। 
 
विज्ञापन
reason behind people pay attention on early stage of diabetes

शोध में पाया गया कि ग्रामीण भारत के उन लोगों में जो कम पढ़े-लिखे हैं और जिनकी घरेलू संपत्ति कम है, उनमें डायबिटीज का प्रसार ज्यादा था। जबकि महिलाओं की स्थिति बेहतर पाई गई और अनुमान है कि इसकी वजह प्रसवपूर्व देखभाल के दौरान गर्भकालीन डायबिटीज के लिए रेगुलर टेस्ट है। सर्वेक्षण में शामिल 729,829 प्रतिभागियों में से 3.3 फीसदी (19,453) डायबिटीज से पीड़ित थे। इनमें से 52.5 फीसदी जानते थे कि उन्हें डायबिटीज था, जबकि 40.5 फीसदी ने इसके लिए उपचार की मांग की थी और केवल 24.8 फीसदी लोग डायबिटीज कंट्रोल कर पाए थे। बाकी 75.2 फीसदी रोगियों की "देखभाल तक पहुंच" नहीं थी, जिसमें एक बड़ी तादाद इसे लेकर जागरुकता के स्तर पर ही पीछे रह गई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed