Pregnancy Tips: क्या गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाने से शिशु को हो सकता है खतरा? विशेषज्ञ से जानें
कहा जाता है कि प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है। फिजिकल रिलेशनशिप से गर्भ में पल रहे शिशु को चोट लग सकती है या प्रसव के दौरान परेशानी आ सकती है। गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाने को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं और आधी अधूरी जानकारी है।
विस्तार
Pregnancy Health Tips: गर्भावस्था के दौरान महिला को तमाम एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है। चलने-फिरने और उठने- बैठने से लेकर खान-पान पर गर्भवती को खास ध्यान देने की जरूरत होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्भवती महिला के मानसिक और शारीरिक स्थिति का असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी होता है। गर्भावस्था में महिला के तनावग्रस्त होने पर शिशु को नुकसान पहुंच सकता है। गर्भवती का कई तरह की सलाह दी जाती हैं, जैसे पति के साथ शारीरिक संबंध न बनाएं, या कुछ महीनों तक उनसे दूर रहें। लोग गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाने की स्थिति को बच्चे के लिए खतरा मानते हैं। लोगों का कहना है कि प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है। फिजिकल रिलेशनशिप से गर्भ में पल रहे शिशु को चोट लग सकती है या प्रसव के दौरान परेशानी आ सकती है। इसके अलावा गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में सेक्सुअल इंटरकोर्स को जोखिम भी बताया जाता है। गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाने को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं और आधी अधूरी जानकारी है। गर्भावस्था के दौरान शारीरिक संबंध बनाना चाहिए या नहीं, इससे शिशु को चोट लगने की कितनी संभावना है और प्रसव के दौरान क्या समस्या हो सकती हैं, इस बारे में जानें विशेषज्ञ से।
क्या गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाना चाहिए?
अगर आपको लगता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से गर्भवती को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होगी या शिशु को किसी तरह का जोखिम हो सकता है, तो ऐसा नहीं है। विशेषज्ञ गर्भावस्था में शारीरिक संबंध बनाने को जोखिम पूर्ण नहीं मानते हैं। हालांकि गर्भवती की सेहत सही होनी चाहिए। गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर दीप्ति गुप्ता कहती हैं कि अगर प्रेग्नेंसी को लेकर महिला में किसी तरह की कोई मेडिकल परेशानी न हो तो वह फिजिकल रिलेशन बना सकती हैं, हालांकि गर्भवती को एक बार अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह ले लेनी चाहिए।
क्या गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने में संबंध बना सकते हैं?
गर्भावस्था के शुरुआती महीनों को रिस्की माना जाता है। इसलिए लोगों का कहना होता है कि गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में महिला को सेक्सुअल इंटरकोर्स नहीं करना चाहिए। डाॅ दीप्ति बताती हैं कि शुरुआती दिनों में गर्भपात होने का जोखिम अधिक होता है, हालांकि इसकी वजह फिजिकल रिलेशन बनाना नहीं है। जब प्रसव के दिन नजदीक आ जाते हैं तो गर्भवती की स्थिति ऐसी होती है कि इंटरकोर्स लेबर पेन हो सकता है। हालांकि गर्भवती के लिए शारीरिक संबंध बनाने की कोई खास अवधि नहीं होती।
क्या शारीरिक संबंध बनाने के दौरान शिशु को चोट पहुंच सकती है?
डाॅ. दीप्ति कहती हैं कि शारीरिक संबंध बनाने के दौरान बच्चा गर्भ में सुरक्षित होता है और शिशु को चोट लगने का खतरा नहीं होता है। माता के गर्भ में कई लेयर होते हैं, जो बच्चे को सुरक्षित रखते हैं। हालांकि ध्यान रखना चाहिए कि शारीरिक संबंध बनाने से गर्भवती को किसी तरह का इंफेक्शन का खतरा न हो। महिला को इंटरकोर्स से कोई हानि न होने पर बच्चा सुरक्षित रहता है।
किस स्थिति में गर्भवती न बनाएं शारीरिक संबंध?
गर्भवती का कोई मेडिकल फैक्टर न होने पर शारीरिक संबंध बनाना सुरक्षित है। लेकिन अगर किसी महिला में प्लेसेंटा प्रीविया की शिकायत है यानी महिला का प्लेसेंटा गर्भाशय के निचले हिस्से में होता है, तो जानलेवा ब्लीडिंग हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में गर्भवती को बिल्कुल भी इंटरकोर्स नहीं करना चाहिए। किसी अन्य कारण से भी अगर महिला को प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग हो रही है या लीकिंग हो रही है तो भी महिलाओं को शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए।
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नोट: यह लेख स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप्ती गुप्ता से हुई बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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