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मांसपेशियों का दर्द हो सकता है घातक, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

Sun, 04 Aug 2019 07:40 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क Published by: पंखुड़ी सिंह Updated Sun, 04 Aug 2019 07:40 AM IST
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pain and stress in muscles cause harmful disease symptoms treatment

मांसपेशियों में खिंचाव एक आम समस्या है। कई बार ऐसा होता है कि कुछ उठाते हुए, सीढ़ियां चढ़ते हुए या फिर तेज भागने से मांसपेशियां खिंच सकती है। इसे मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव कहा जाता है। मांसपेशियों का ये खिंचाव हाथ, पैर, जोड़ों या पीठ में हो सकता है। इसके अलावा इससे घुटने, कंधे, कोहनी में सूजन या दर्द भी उठ सकता है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये दर्द किस तरह के होते हैं, इसके क्या लक्षण हैं, किस तरह की बीमारियां हो सकती हैं और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

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pain and stress in muscles cause harmful disease symptoms treatment
आए दिन होने वाला दर्द
आपकी क्वाड्रिसेप्स की मांसपेशियां जांघ के सामने रहती हैं और कूल्हे को ऊपर की ओर झुकाती हैं तथा घुटने को सीधा रखती हैं। हैैमस्ट्रिंग पीठ में होती है। हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियां घुटने को मोड़ने में सहायक होती है। जांघ के अंदर के हिस्से पर जो ग्रोइन की मांसपेशियां होती हैं वह आपके पैर को अंदर खींचती है। कई नसें जांघों के नीचे जाती हैं। जांघ में दर्द होना एक आम समस्या है जिसको काफी लोग अनुभव करते हैं। यह दर्द धीरे-धीरे या अचानक हो सकता है। इस दर्द के कारण आपको चलने, दौड़ने या सीढ़ियां चढ़ने जैसे सामान्य कार्यों में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। 

पेट की मांसपेशियों में दर्द होना
पेट की मांसपेशियों में दर्द जिसको एब्डोमिनल पेन भी कहा जाता है ,से होने वाले दर्द को नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है।कई बार लोगों को पेट के दर्द में बेचैनी या सूजन की शिकायत होती है। उदर की मांसपेशियों में अधिकतर दर्द रहना बोवेल कैंसर के भी लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञों का यह मानना है कि अगर इस हिस्से में चार हफ्तों से ज्यादा तक की शिकायत हो तो चिकित्सकों की सलाह लेनी आवश्यक है।
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कमर की मांसपेशियों में होने वाला दर्द
कमर की मांसपेशियों में दर्द होना बेहद आम बात है तथा ये कुछ हफ्तों व महीनों में ठीक हो जाता है। मांसपेशी में दर्द होना सामान्य तौर पर दर्दनाक लगता है। ऐसे में लोग पीठ में तनाव या कठोरता महसूस करते है । कमर का दर्द कई कारणों से हो सकता है। जैसे अचानक असामान्य गतिविधि या गिरावट और चोट व चिकित्सा की स्थिति भी शामिल है। आमतौर पर दर्द हड्डियों ,डिस्क,नसों, मांसपेशियों और अस्थिबंधकों द्वारा की गई गतिविधियों की विधि पर निर्भर करता है।

कहीं ये बीमारियों का संकेत तो नहीं
-डायबटीज की आशंका शरीर में इंसुलिन के संतुलन बिगड़नें के कारण होती है। डायबटीज में मसल्स पेन भी होने लगता है।
-शरीर का ब्लड सरकुलेशन फ्लू के कारण बिगड़ने जाता है,जिसके कारण मसल्स में पेन होने लगता है।
-मलेरिया का वायरस शरीर में घुसने से मसल्स में खिंचाव होता है। इससे भी मसल्स पेन होने लगता है।
-आथ्रराइटिस के समस्या की वजह से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है। इस वजह से मांसपेशियों में दर्द होने लगता है।
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मांसपेशियों में दर्द के लक्षण
-मांसपेशियों में अचानक दर्द का शुरू होना
-मांसपेशियों में सूजन या उनका लाल पड़ जाना
-आराम करते समय दर्द का महसूस होना
-रोज की काम करने की गतिविधियों मेें कमी या असक्षमता का महसूस होना
-मांसपेशियों में ऐंठन का महसूस होना
-कमजोरी का अनुभव करना

इस दर्द का इलाज
मांसपेशियों का दर्द का इलाज दवाओं, फिजियोथेरेपी, इंजेक्शन, ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, एक्यूप्रेशर से ठीक हो सकता है। लेकिन जिस तरह का दर्द होता है, डॉक्टर उसके अनुसार ही इलाज की सलाह देते हैं। सिर्फ एक्सरसाईज करने से भी दर्द कई बार ठीक हो जाता है। लेकिन दर्द फिर भी बना रहे तो शुरुआती अवस्था में ही इलाज शुरू कर देना चाहिए।

 

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इन सावधानियों को बरतें
-रोजाना के कामों को करने के दौरान मांसपेशियों में आने वाले खिंचाव और चोट से बचें
-एक स्थिति में अधिक समय तक न बैठें
-पीठ की मांसपेशियों के तनाव को कम करने के लिए खड़े होने और बैठने के समय पर अच्छी मुद्राएं बनाएं
-बढ़ते हुए वजन को कम करने पर ध्यान दें
-अगर आप व्यायाम करना शुरू करते है तो धीरे-धीरे शुरू करें

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दर्द का इलाज बर्फ
मांसपेशियों में अगर खिंचाव हो या चोट लगे तो फौरन प्रभावित स्थान पर बर्फ से सिकाई करनी चाहिए। सिकाई करने से सूजन में कमीं आएगी। बर्फ को सीधे त्वचा पर नहीं डालना चाहिए। बर्फ को एक तौलिए में लपेटकर या बर्फ के पैकेट का प्रयोग करें। मांसपेशियों की सिंकाई बर्फ से लगभग बीस मिनट तक करनी चाहिए। पहले दिन आप इस प्रक्रिया को हर घंटे दोहरा सकते हैं और अगले कई दिनों के लिए हर चार घंटे पर बर्फ से सिकाई करनी चाहिए।

कैल्शियम और पोटैशियम
मानव शरीर के लिए कैल्शियम और पोटैशियम आवश्यक पोशक तत्वों के रूप में जाने जाते हैं। तनाव की स्थिति में इन तत्वों से भरपूर आहार को अपने खाने में शामिल करें। यें मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव के दौरान उपचार प्रक्रिया में मदद करते हैं। दही,दूध, मछली,अंडें,पालक,आलू,बादाम का सेवन करना फायदेमंद होगा। 
 
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