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Monkeypox: मंकीपॉक्स दिमागी बीमारी और मस्तिष्क में सूजन का बन सकता है कारण, अध्ययन में खुलासा

Sun, 11 Sep 2022 02:36 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 11 Sep 2022 02:36 PM IST
सार

मंकीपॉक्स को लेकर एक नई अध्ययन रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंकीपॉक्स न्यूरोलॉजिकल और मानसिक समस्याओं का भी कारण बन सकता है।

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Monkeypox may cause neurological damage, including inflammation of the brain Study in hindi
मंकीपाॅक्स के लक्षण - फोटो : iStock

विस्तार

भारत में मंकीपॉक्स के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच मंकीपॉक्स को लेकर एक नई अध्ययन रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंकीपॉक्स न्यूरोलॉजिकल और मानसिक समस्याओं का भी कारण बन सकता है। मंकी पॉक्स से ग्रसित मरीज की त्वचा पर चकत्ते पड़ जाते हैं। हालांकि मंकीपॉक्स से बचाव के लिए चेचक का टीका असरदार है। लेकिन जिन मरीजों को चेचक का टीका लग चुका है, उनमें  तंत्रिका विकार जैसी समस्याएं सामने आने की खबरें हैं।

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लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के एकेडमिक फाउंडेशन के डॉक्टर जेम्स ब्रंटन बैडेनोच ने इस अध्ययन को लेकर बताया कि मंकीपॉक्स से संक्रमित लोगों में तंत्रिका संबंधी या मानसिक समस्याओं का पता लगाने के लिए अध्ययन किया गया। जिसके नतीजे 'इक्लिनिकल मेडिसिन' प्रकाशित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मंकीपॉक्स की चपेट में मरीजों में तंत्रिका संबंधी समस्याएं विकसित हो गईं, जिनमें इंसेफेलाइटिस यानी मस्तिष्क की सूजन भी शामिल है।
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मस्तिष्क की गंभीर और दुर्लभ समस्याओं के साथ ही मंकीपॉक्स से संक्रमित लोगों में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान आदि लक्षण पाए जाते हैं। हालांकि अध्ययनों को देखने से यह स्पष्ट नहीं पता चलता है कि लक्षण कितने गंभीर हैं। मंकीपॉक्स से संक्रमित लोगों में तंत्रिका संबंधी समस्याओं के कारणों का भी पता नहीं चल सका।
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मंकीपाॅक्स की समस्याओं में अंतनिर्हित जैविक प्रक्रियाएं अस्पष्ट हैं और वायरस सीधे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है। ज्यादातर आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में मंकीपाॅक्स के मामले पाए जा रहे हैं। 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 

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