अब केरल में मिली मलेरिया की नई प्रजाति, सूडान से लौटे सैनिक का हो रहा इलाज
कोरोना वायरस से प्रभावित केरल में अब मलेरिया से जुड़ी एक नई तरह की बीमारी सामने आई है। यहां के कन्नूर में सूडान से लौटे एक सैनिक का इलाज किया जा रहा है। यह नई बीमारी इलाज के दौरान ही सैनिक के शरीर में मिली है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने गुरुवार को खुद इस बात की जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि केरल में मलेरिया की एक नई प्रजाति प्लाजमोडियम ओवल पाई गई है। कन्नूर के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक सैनिक के शरीर में ये मिली है। यह जवान कुछ समय पहले ही उत्तरी अफ्रीका के देश सूडान से लौटा था। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज देकर इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
Plasmodium oval, a new genus of malaria detected in Kerala. It was found in a soldier who was being treated at District hospital in Kannur. The soldier had come from Sudan. Its spread can be avoided with timely treatment & preventive measures: KK Shailaja, State Health Minister pic.twitter.com/lRb0idXHkh
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 10, 2020
आंध्रप्रदेश: 13 नए मामले सामने आए
बता दें कि इससे पहले देश के दक्षिणी इलाके के राज्य आंध्रप्रदेश के इलुरु में भी हाल ही में एक रहस्यमयी बीमारी होने की बात सामने आई थी। हालांकि जांच के बाद संदूषित पानी को इस बीमारी की वजह बताया गया था। इस बीमारी से अब तक दो लोगों की मौत हुई है, जबकि 600 से अधिक लोग बीमार है।
वहीं ताजा जानकारी के अनुसार, आंध्रप्रदेश में बुधवार आधीरात से रहस्यमय बीमारी के 13 नए मामले सामने आए हैं, जो इस बीमारी के घटने के संकेत हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को कुल मामले 609 तक पहुंच गए थे। उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य) एकेके श्रीनिवास ने विजयवाड़ा के सरकारी जनरल अस्पताल (जीजीएच) में मरीजों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि इलुरु के जिला मुख्यालय अस्पताल में 32 लोगों और विजयवाड़ा में 21 लोगों का उपचार चल रहा है।
अब तक 553 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। वैसे तो विजयवाड़ा के जीजीएच दो मरीजों की मौत हो गई, लेकिन उसकी वजह रहस्यमय बीमारी होने से इनकार किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक महिला मरीज को कोविड-19 संक्रमण था, जबकि दूसरे पुरुष मरीज की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई। उन्होंने कहा कि हमने पाया है कि इलुरु से विजयवाड़ा लाए गए कुछ मरीजों में अन्य बीमारियां हैं। उनका उपयुक्त इलाज किया जा रहा है।