Covid-19: कोरोना से ठीक होने के बाद भी पूरी तरह से सेहत में नहीं होता सुधार, चिंता बढ़ा रही है ये रिपोर्ट
- कोरोनावायरस शरीर को किस प्रकार से प्रभावित करता है, इसको लेकर तमाम अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट करते रहे हैं। महामारी की शुरुआत से ही लॉन्ग कोविड की भी चर्चा होती रही है।
- एक हालिया रिपोर्ट में पता चला है कि पांच में से एक व्यक्ति को एक साल बाद तक भी क्वालिटी ऑफ लाइफ में समस्या बनी हुई है।
विस्तार
Long Covid Effects: कोरोनावायरस संक्रमण के मामले पिछले करीब एक महीने से भारत सहित तमाम देशों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। 21 मई 2025 से लगातार संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। देश में फिलहाल एक्टिव केसों की संख्या 7264 है। कोविड डैशबोर्ड पर साझा की गई जानकारियों के मुताबिक बीते 24 घंटे में 119 नए मामले सामने आए जबकि 11 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है। इस साल अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 108 हो गई है।
NB.1.8.1 वैरिएंट के मामले इस बार देश में सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं। इसकी प्रकृति तो ज्यादा गंभीर रोगकारक नहीं है पर इसके कारण संक्रमण के बढ़ने का खतरा काफी अधिक देखा जा रहा है।
देश में कोरोना की तेज रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को लगातार संक्रमण से बचाव के उपाय करते रहने की सलाह दी है। विशेषकर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में इस रोग का खतरा अधिक रहता है, इन लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
(कोरोना के बाद अब एक नया वायरस बढ़ा रहा है चिंता, इंसानों में फैला तो एक और महामारी ज्यादा दूर नहीं)
कोरोनावायरस और इसका शरीर पर होने वाला असर
कोरोनावायरस का संक्रमण शरीर को किस प्रकार से प्रभावित करता है, इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं, इसको लेकर तमाम अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट करते रहे हैं।
महामारी की शुरुआत से ही लॉन्ग कोविड (संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक बनी रहने वाली दिक्कतों) की भी चर्चा होती रही है। इसी को लेकर एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने फिर से बताया है कि अब भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो कोरोना से ठीक होने के बाद भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पाए हैं।
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साल भर से अधिक समय तक रह सकता है लॉन्ग कोविड का असर
ओपन फोरम इन्फेक्शियस डिजीज जर्नल में हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी, पांच में से एक व्यक्ति को एक साल बाद तक क्वालिटी ऑफ लाइफ में समस्या बनी हुई है।
इस अध्ययन के लिए 1,450 से अधिक रोगियों के डेटा का विश्लेषण किया गया है। करीब 12 महीने तक किए गए अध्ययन में पाया गया है कि कोविड से ठीक होने के बाद भी करीब 25 फीसदी लोगों की सेहत पर लंबे समय तक इसका असर देखा जा रहा है। उन्हें लंबे समय तक किसी न किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं बनी हुई हैं।
इतना ही नहीं कोविड टेस्ट में पॉजिटिव न आने पर भी, कुछ लक्षण महीनों तक बने रह सकते हैं।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर
पिछले शोध के अनुमान बताते रहे हैं कि कोविड से ठीक हो चुके करीब 36% लोग किसी न किसी रूप में लॉन्ग कोविड का अनुभव करते हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य बोझ को उजागर करता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि संक्रमण से ठीक होने के बाद एक साल या उससे अधिक समय तक कई लोगों में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें बनी हुई हैं।
अध्ययन में चिंता जताई गई है कि लॉन्ग कोविड के लक्षणों पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, पर ये स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ाने वाला हो सकता है। लोगों में सांस की समस्या, गंभीर थकान-कमजोरी, सिरदर्द, तनाव-चिंता जैसे लॉन्ग कोविड लक्षणों की दिक्कत बनी हुई रह सकती है।
लंबे समय तक हृदय स्वास्थ्य पर भी देखा जा रहा है असर
कोविड-19 किस तरह से शरीर के तमाम अंगों की सेहत पर दीर्घकालिक असर डालता है इसको लेकर सामने आई एक अन्य रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि संक्रमण के कारण हृदय संबंधी मौतों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। साल 2020 में महामारी शुरू होने के बाद से हृदय संबंधी मौतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
पहले तो वायरस ने हृदय रोगों का खतरा बढ़ाया, वहीं दूसरी तरफ महामारी के कारण दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों को भी काफी झटका लगा। हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि 2020 से घर पर होने वाली हृदय संबंधी मौतों में वृद्धि हुई है, जो महामारी के दौरान हृदय रोगियों की देखभाल में संभावित अंतर को दर्शाता है। यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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स्रोत
Association of SARS-CoV-2 With Health-related Quality of Life 1 Year After Illness Using Latent Transition Analysis
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