Covid-19: आयुर्वेदिक एंटीबॉयोटिक, अशोक के पत्ते से कोरोना को मात
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आयुर्वेद की एंटीबॉयोटिक से लेकर अशोक के पत्ते तक संक्रमण को मात दे सकते हैं। आयुर्वेद के आधार पर वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) अध्ययन कर रही है। विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास निगम (एनआरडीसी) के अनुसार आयुर्वेद एंटीबॉयोटिक फीफाट्रोल पांच प्रमुख जड़ी-बूटियों सुदर्शन घन वटी, संजीवनी वटी, गोदांती भस्म, त्रिभुवन कीर्ति रस व मत्युंजय रस से निर्मित है।
तुलसी, कुटकी, चिरायता, गुडुची, दारुहरिद्रा, अपामार्ग, करंज व मोथा बूटी के अंश भी शामिल हैं। लंबे शोध के बाद इन्हे एमिल फार्मास्युटिकल ने तैयार किया है। जिसका इस्तेमाल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में किया जा सकता है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने ट्रायल के लिए आवेदन किया है।
सीडीआरआई में पौधों पर शोध...
अशोक के पत्ते और हरी चिरेटा में संक्रमण को कमजोर करने के प्रभावकारी तत्व शामिल हैं। इसीलिए सीडीआरआई लखनऊ की लैब में वैज्ञानिक पौधों पर शोध कर रहे हैं।
कोरो फ्लू नाम से आ सकती है वैक्सीन
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका के विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय के साथ मिलकर भारत बॉयोटेक नाक के द्वारा दी जाने वाली वैक्सीन बनाने में जुटा है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरो फ्लू नाम से जाना जाएगा। वैक्सीन की 30 करोड़ डोज दुनियाभर में पहुंचाई जाएंगी।