कोरोनावायरस की दवा विकसित कर रही जापान की यह फार्मा कंपनी
जापान की फार्मा कंपनी टेकेडा फार्मास्युटिकल (Takeda Pharmaceutical Co.) ने बुधवार को कहा कि वह कोरोनावायरस की दवा विकसित कर रही है। कंपनी ने कहा कि नए कोरोनोवायरस से संक्रमित उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए दवा विकसित करने पर काम कर रहा था। इसमें अन्य ड्रग कंपनियां भी शामिल थे, जो 3000 से ज्यादा लोगों की जान ले चुके इस वायरस के इलाज की मांग कर रहे थे।
जापानी फर्म ने कहा कि यह प्लाज्मा-डेराइव्ड थेरेपी पर काम कर रहा था, जिसे पहले सांस संबंधी वायरल संक्रमण के उपचार में प्रभावी था। इस रिसर्च में उन रोगियों के एंटीबॉडी की आवश्यकता होगी, जो कोरोनावायरस के संक्रमण से उबर चुके हैं या जिन्हें टीका लगाया जा चुका है।
टेकेडा ने कहा कि एंटीबॉडीज को एक नए रोगी में ट्रांसफर करने से, यह उस व्यक्ति की इम्यूनिटी यानी प्रतिरक्षा प्रणाली को कोरोनो के संक्रमण से लड़ने और उसका तोड़ देने की संभावना को बढ़ा सकता है।
टेकेडा के मुताबिक यह भी स्टडी की जा रही है कि वर्तमान में चल रहे रिसर्च और ड्रग्स क्या कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के उपचार में कितनी मदद कर पाते हैं। मालूम हो कि टेकेडा 90 हजार से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुके फ्लू जैसी बीमारियों के लिए काम करने वाले ड्रगमेकर्स कंपनियों के साथ जुड़ कर काम करता है।
अमेरिका स्थित गिलियड साइंसेज इंक (जीआईएलडीओ) ने कहा कि पिछले सप्ताह इस बीमारी के गंभीर और मध्यम मामलों के मरीजों में इसकी दवा का चरणबद्ध अध्ययन शुरू किया गया था। वहीं, सोमवार को फाइजर इंक (PFE.N) ने कहा कि टीम ने कुछ एंटीवायरल कंपाउंड की पहचान की है, जो कोरोनावायरस को रोकने की क्षमता रखते हैं।
टेकेडा ने कहा कि वह अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों के साथ अपनी योजनाओं को साझा करेगा। टेकेडा अमेरिका, एशिया और यूरोप में स्वास्थ्य सेवा भागीदारों के साथ दवा में अपने शोध को आगे बढ़ाने के लिए संपर्क में रहा है।
इस खबर के बीच यह घोषणा की गई है कि अमेरिकी कांग्रेस इस हफ्ते कोरोनावायरस से निबटने के लिए संभवत: छह से आठ बिलियन यानी 60 से 80 करोड़ रुपए आपातकालीन निधि के लिए संसद में चर्चा कर सकती है।