दुनियाभर के 188 से भी ज्यादा देशों में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आए हैं। इसकी चपेट में आए लोगों की संख्या दो करोड़ 32 लाख से ज्यादा हो चुकी है जबकि अब तक इस महामारी से आठ लाख पांच हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक महामारी घोषित किया है।
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Coronavirus: कोरोना वायरस किनके लिए सबसे ज्यादा खतरनाक? जानिए ऐसे ही 11 जरूरी सवालों के जवाब
Mon, 24 Aug 2020 01:11 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 24 Aug 2020 01:11 PM IST
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कोरोना से संक्रमण के बाद ठीक होने वाले लोग दोबारा संक्रमित नहीं होंगे?
- फिलहाल ये कहना जल्दबाजी होगी। इस वायरस के बारे में अभी दिसंबर में ही पता चला है। वायरस संक्रमण के दूसरे मामलों से जुड़े अतीत के अनुभव बताते हैं कि रोग रोग प्रतिरोधकों के जरिये इससे बचाव किया जा सकता है। सार्स और कोरोना परिवार के अन्य विषाणुओं को लेकर हमारी राय ये है कि दोबारा संक्रमित होने के आसार कम हैं, लेकिन चीन से मिलने वाली कुछ रिपोर्टों में ये कहा गया है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी कुछ लोगों के टेस्ट पॉजिटिव पाए गए हैं, पर हम उन टेस्ट को लेकर पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते। हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि ऐसे लोगों से अब संक्रमण का कोई खतरा नहीं था।
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फ्लू और कोरोना वायरस में क्या अंतर है?
- कोरोना वायरस और फ्लू (बुखार और संक्रामक जुकाम) के कई लक्षण एक जैसे हैं। बिना मेडिकल टेस्ट के इसके अंतर को समझना मुश्किल है। कोरोना वायरस के प्रमुख लक्षण बुखार और सर्दी ही है। फ्लू में अक्सर दूसरे लक्षण भी दिखाई देते हैं, जैसे- गले में दर्द जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सांस की तकलीफ की शिकायत रहती है।
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खुद को एकांत में कैसे रखें?
- सेल्फ आइसोलेशन यानी खुद को एकांत में रखने का मतलब 14 दिनों तक घर में रहना, काम पर नहीं जाना, स्कूल या किसी अन्य सार्वजनिक जगह पर नहीं जाना और सार्वजनिक परिवहन और टैक्सी से दूर रहना। आपको घर के भीतर भी खुद को परिवार के दूसरे लोगों से अलग रखना चाहिए। अगर आपको घरेलू सामानों की जरूरत हैं या कोई दवा चाहिए या फिर कोई शॉपिंग करनी है तो मदद लें, दरवाजे पर डिलीवरी हो सकती है, लेकिन आप किसी को घर आने के लिए न कहें। आपको अपने पालतू पशुओं से भी दूर रहना चाहिए, लेकिन अगर ये मुमकिन न हो तो उन्हें छूने से पहले और बाद ठीक से हाथ जरूर साफ करें।
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अस्थमा के मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना खतरनाक?
- हमारे श्वसन तंत्र या हमारी सांस लेने की प्रणाली में किसी भी तरह का संक्रमण, वो चाहे कोरोना वायरस ही क्यों न हो, अस्थमा की तकलीफ बढ़ा सकता है। कोरोना वायरस को लेकर चिंतित अस्थमा के मरीज कुछ एहतियाती कदम उठा सकते हैं। इसमें डॉक्टर द्वारा सुझाए गए इनहेलर का इस्तेमाल भी शामिल है। इससे कोरोना सहित किसी वायरस किसी वजह से पड़ने वाले अस्थमा के दौरे का खतरा कम होता है।