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Coronavirus drug: कोलेस्ट्रॉल की इस दवा से 5 दिन में खत्म हो रहा कोरोना, वैज्ञानिकों ने किया दावा

Tue, 21 Jul 2020 03:56 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Tue, 21 Jul 2020 03:56 PM IST
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Coronavirus drugs update Cholesterol medicine Fenofibrate uses and Impacts on Covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के तमाम प्रयास जारी हैं। कई देश इस काम में जी-जान से जुटे हुए हैं। कई देशों के ट्रायल तो अंतिम चरण में हैं और वो कभी भी वैक्सीन के सफल होने का दावा कर सकते हैं। हालांकि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक वैज्ञानिक ऐसी दवा की भी खोज करने में लगे हुए हैं, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़े और कोरोना वायरस कमजोर हो जाए। डेक्सामेथासोन, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और रेमडेसिविर जैसी दवाइयां कोरोना वायरस से लड़ने में कारगर साबित हुई हैं। इस बीच वैज्ञानिकों ने कोलेस्ट्रॉल की एक दवा को लेकर दावा किया है कि उससे कोरोना मरीजों का इलाज हो सकता है। उनका दावा है कि इस दवा के इस्तेमाल से महज पांच दिन में कोरोना वायरस खत्म हो जा रहा है। आइए जानते हैं इस 'जीवनरक्षक दवाई' के बारे में...

Coronavirus drugs update Cholesterol medicine Fenofibrate uses and Impacts on Covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस पर रिसर्च कर रहे हैं। इन्ही में शामिल हैं यरुशलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर याकोव नहमियास और न्यूयॉर्क इकाहन स्कूल ऑफ मेडिसिन के डॉ. बेंजामिन टेनओवर, जो पिछले तीन महीनों से कोरोना की दवा को लेकर शोध कर रहे थे और अब जाकर उन्हें सफलता मिली है। शोध में इन दो वैज्ञानिकों ने पाया कि कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली दवा से कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज हो सकता है।  

Coronavirus drugs update Cholesterol medicine Fenofibrate uses and Impacts on Covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोलेस्ट्रॉल की इस दवा का नाम फेनोफाइब्रेट ( Fenofibrate) है। प्रयोगशाला में किए गए शोध के दौरान इस दवाई के सकरात्मक परिणाम मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों वैज्ञानिकों का मानना है कि उनके शोध से इस बात को समझने में मदद मिल सकती है कि आखिर हाई ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल वाले कोरोना संक्रमित मरीज उच्च जोखिम श्रेणी (हाई रिस्क कैटेगरी) में क्यों चले जाते हैं। 

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Coronavirus drugs update Cholesterol medicine Fenofibrate uses and Impacts on Covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

दरअसल, दोनों वैज्ञानिक अध्ययन के दौरान यह समझने की कोशिश में लगे हुए थे कि कोरोना वायरस संक्रमित मरीज के फेफड़ों को कैसे प्रभावित करता है। इस दौरान उन्हें पता चला कि वायरस कार्बोहाइड्रेट की नियमित तौर पर होने वाली बर्निंग को रोक देते हैं, जिसकी वजह से काफी अधिक मात्रा में फैट फेफड़ों के सेल में जमा हो जाता है।  

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Coronavirus drugs update Cholesterol medicine Fenofibrate uses and Impacts on Covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

रिसर्च के दौरान पता चला कि फेनोफाइब्रेट दवा के इस्तेमाल से फेफड़ों के सेल्स अधिक मात्रा में फैट बर्न करते हैं, जिस वजह से कोरोना वायरस कमजोर पड़ जाता है और वो अपनी प्रतिकृति नहीं बना पाता यानी रिप्रोड्यूस नहीं कर पाता। प्रयोगशाला में किए गए इस शोध के मुताबिक, इस दवाई के इस्तेमाल से महज पांच दिन के इलाज के बाद वायरस अपने आप खत्म हो गए। 

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