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अब इस नए तरह के कैंसर से हो जाएं भारतीय महिलाएं सावधान
टीम डीजिटल/ अमर उजाला
Updated Thu, 05 May 2016 01:07 PM IST
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- फोटो : gettyimages
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डब्ल्यू एचओ ने 2012 में एक रिपोर्ट जारी की जिसमें कहा कि सर्वाइकल कैंसर का खतरा भारतीय महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। वैसे ही स्तन कैंसर के निशाने पर हैं भारतीय महिलाएं लेकिन अब सर्वाइकल कैंसर तेजी से और बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
2015 में लगभग 62 हजार महिलाओं ने सर्वाइकल कैंसर से अपनी जान गवाई। इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्ज के मुताबिक कैंसर के सभी कैसों में से लगभग 24 प्रतिशत मौतें सर्वाइकल की वजह से है। 2008 में ये सबसे मुख्य कारण था कई मौतों का लेकिन अब तेजी से सभी आंकड़े बदले हैं। फिर से सार्वइकल का खतरा भारतीय महिलाओं पर बढ़ता दिख रहा है। हाल ही में राज्य सभा में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस पर चिंता जताई।
आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो सालों में सर्वाइकल के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। एक्सपर्ट कहते हैं कि जिस तरह से स्तन कैंसर को लेकर जागरुकता दिखाई गई है उसी तरह से सर्वाइकल को लेकर कई तरह के मतभेद हैं। ऐसा कहना है कि इसके लिए मौजूद वैक्सीन कितनी प्रभावी है, इसकी क्या कीमत होनी चाहिए इस संदर्भ में कई तरह के मतभेद हैं जिनसे अभी निपटना बाकी है। इस वैक्सीन से 80 प्रतिशत तक रोग से लड़़ा जा सकता है अगर समय रहते इसका इलाज कर लिया जाए। सरकार की तरफ से कोशिशें जारी हैं।
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2015 में लगभग 62 हजार महिलाओं ने सर्वाइकल कैंसर से अपनी जान गवाई। इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्ज के मुताबिक कैंसर के सभी कैसों में से लगभग 24 प्रतिशत मौतें सर्वाइकल की वजह से है। 2008 में ये सबसे मुख्य कारण था कई मौतों का लेकिन अब तेजी से सभी आंकड़े बदले हैं। फिर से सार्वइकल का खतरा भारतीय महिलाओं पर बढ़ता दिख रहा है। हाल ही में राज्य सभा में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस पर चिंता जताई।
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आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो सालों में सर्वाइकल के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। एक्सपर्ट कहते हैं कि जिस तरह से स्तन कैंसर को लेकर जागरुकता दिखाई गई है उसी तरह से सर्वाइकल को लेकर कई तरह के मतभेद हैं। ऐसा कहना है कि इसके लिए मौजूद वैक्सीन कितनी प्रभावी है, इसकी क्या कीमत होनी चाहिए इस संदर्भ में कई तरह के मतभेद हैं जिनसे अभी निपटना बाकी है। इस वैक्सीन से 80 प्रतिशत तक रोग से लड़़ा जा सकता है अगर समय रहते इसका इलाज कर लिया जाए। सरकार की तरफ से कोशिशें जारी हैं।
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