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सुबह उठने से क्या वाकई में अमीर बनते हैं?

Sun, 29 May 2016 05:27 PM IST
रेणुका रायासाम
रेणुका रायासाम Updated Sun, 29 May 2016 05:27 PM IST
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Can a morning routine make you better

अंग्रेजी में कहावत है, 'अर्ली टू बेड एंड अर्ली टू राइज, मेक्स अ मैन हेल्दी, वेल्दी एंड वाइज'। मतलब जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं और रात को जल्दी सोते हैं, वो सेहतमंद रहते हैं, अक्लमंद होते हैं और उनके पास पैसे की भी कमी नहीं होती।

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कहावत तो ठीक, मगर क्या वाकई ऐसा होता है? चलिए इसका पता लगाते हैं।

इंग्लैंड में रहने वाले टिम पॉवेल को सुबह उठना बिल्कुल पसंद नहीं। लेकिन वो रोज सुबह छह बजे से पहले उठ जाते हैं। वो जिम में जाकर वर्जिश करते हैं। काम पर जाने की तैयारी करते हैं और सुबह नौ बजे का काम शुरू होने से पहले ही दफ्तर पहुंच जाते हैं। काम शुरू करने से पहले, वो अपने ऑफिस के पास बने पार्क में थोड़ी देर टहल भी लेते हैं।
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गुरुवार का दिन तो टिम के लिए और भी जल्दी शुरू होता है। वो सुबह 5 बजकर बीस मिनट पर ही बिस्तर छोड़ देते हैं। इस दिन वो नौकरी पर जाने से पहले जर्मन भाषा सीखने जाते हैं।
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टिम रोजाना आधे घंटे की सख्त वर्जिश करते हैं। बैठकर आराम से नाश्ता करते हैं। थोड़ी देर पार्क में टहलते हैं। जर्मन भी सीखते हैं। ये सारा काम वो नौकरी शुरू करने से पहले निपटा डालते हैं।

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टिम पॉवेल हर हफ्ते सत्तर घंटे काम करते हैं। वो इंग्लैंड के नॉटिंघम शहर में पेटेंट मामलों के वकील हैं। नौकरी की मजबूरी की वजह से उन्हें सुबह उठना पड़ता है, वरना वो जिंदगी के बाकी के काम कर ही नहीं पाएंगे। रोज सुबह उठने के बावजूद, टिम को सुबह उठने की आदत बमुश्किल पड़ी। वो बताते हैं कि पहले तो वो सुबह उठने के बाद अलसाए से रहते थे। कई बार तो वो फिर से सो जाते थे। लगातार सुबह उठते-उठते उन्हें अब जाकर इसकी आदत पड़ी है। वो कहते हैं कि पहले ही दिन से आप एवरेस्ट पर चढ़ने की नहीं सोच सकते।

बहुत से कामयाब लोग सुबह उठकर अपने जरूरी काम, बिना किसी खलल के निपटाना पसंद करते हैं। मशहूर पत्रिका वोग की संपादक एना विंटोर के बारे में तो मशहूर है कि उनका दिन सुबह पौने छह बजे शुरू होता है। वो काम शुरू होने से पहले एक घंटे टेनिस भी खेल लेती हैं।

जानकार मानते हैं कि सुबह उठने से लेकर ऑफिस पहुंचने के बीच का वक्त बहुत अहम होता है। उस वक्त कई ऐसे काम निपटाए जा सकते हैं, जो निजी तौर पर किसी इंसान के लिए बहुत फायदेमंद हों। वो आपके दफ्तर से जुड़े काम नहीं होते। जैसे कि टिम पॉवेल जर्मन सीखते हैं और अपनी बेहतर सेहत के लिए जिम में वर्जिश करते हैं।

कुछ लोग इस दौरान अपनी अधूरी किताब पूरी करने की कोशिश करते हैं। वहीं कुछ लोग इस खाली वक्त को परिवार के साथ बिताना पसंद करते हैं। मगर सवाल ये है कि सुबह उठने की आदत डालें तो कैसे?

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ऑस्ट्रेलिया की पर्थ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मार्टिन हैगर कहते हैं कि आपका रूटीन बहुत हद तक आपकी आदतों पर निर्भर करता है। हैगर इस बात पर रिसर्च कर रहे हैं कि लोग अपनी आदतों पर कैसे काबू पाते हैं। उनके रिसर्च से पता चलता है कि अगर आप अपना रूटीन सुधार लें, तो आपकी बहुत सी आदतें भी सुधर सकती हैं। वो कहते हैं कि रूटीन सुधारकर, रात में देर तक जागने वाला शख्स भी सुबह जल्दी उठकर कई काम निपटा सकता है।

मार्टिन हैगर ने अपना तजुर्बा खुद पर ही आजमाया है। वो ज्यादातर दिनों में सुबह छह बजे उठ जाते हैं। सुबह वो वर्जिश करते हैं, सेहत से भरपूर नाश्ता लेते हैं। इसके बाद वो सुबह आठ बजे काम पर पहुंच जाते हैं।

वो कहते हैं कि अगर एक्सरसाइज को शाम के लिए टाल दें, तो शाम तक वो इतने थक चुके होते हैं कि वर्जिश के लिए जाने का मन ही नहीं होगा। इसीलिए वो सोने से पहले, सुबह की तैयारी करते हैं। अलार्म लगाते हैं। फिर सोते हैं।

लेकिन, सुबह उठने का खास नियम हो, ऐसा नहीं है। जानकार कहते हैं दिन कब शुरू करना है ये आप पर निर्भर करता है। हर इंसान का अलग रूटीन, अलग टारगेट और अलग जीवन-शैली होती है। 

अहम बात ये है कि आप अपने रूटीन में से सुबह का वक्त कैसे निकाल पाते हैं। अगर आपको सुबह उठने में दिक्कत हो रही है, तो रोजाना थोड़ी देर पहले का अलार्म लगाएं। धीरे-धीरे सुबह उठने की आदत पड़ जाएगी।

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'व्हाट द मोस्ट सक्सेसफुल पीपुल डू बिफोर ब्रेकफास्ट' नाम की किताब लिखने वाली लॉरा वांडरकाम कहती हैं कि सुबह का वक्त आपका अपना होता है। कोई आपसे ये टाइम नहीं छीन सकता। दुनिया भर की दूसरी जिम्मेदारियां आप दिन के दूसरे वक्त निपटा सकते हैं, लेकिन सुबह का समय खुद के लिए रखिए।

वांडरकाम ने कामयाब और बेहद व्यस्त लोगों के रूटीन पर नजर रखी है। उन्होंने पाया है कि ये लोग सुबह का वक्त खास अपने लिए रखते हैं। किसी को सेहत से लगाव है, तो कोई नई चीज सीखने की कोशिश करता है, वहीं किसी को परिवार के साथ वक्त बिताना पसंद होता है।

वांडरकाम कहती हैं कि आप कुछ करना चाहते हैं, मगर वक्त नहीं निकल पा रहा तो उस काम को सुबह करने की कोशिश कीजिए। सुबह उठने के लिए आप शाम को जल्दी सोने की कोशिश करेंगे। वरना, टीवी देखने में, या नेट सर्फ करने में शाम का वक्त बर्बाद करेंगे। अमरीका की मिशिगन में अल्बियन कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर मारिके वीथ कहती हैं कि जैसे सुबह उठने वाले अपने समय का फायदा उठा लेते हैं, वैसे ही रात में देर तक जागने वाले भी सुबह के रूटीन से फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने अपनी रिसर्च में ये पाया है कि रात में देर तक जागने वाले, सुबह के वक्त ज्यादा क्रिएटिव होते हैं। इस वक्त का वो अपने लिए फायदा उठा सकते हैं।

फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रॉय बामिस्टर कहते हैं कि सुबह उठकर कोई भी अपनी नौकरी की दिक्कतों से भी बेहतर ढंग से निपट सकता है। वो कहते हैं कि सुबह के वक्त आपकी इच्छाशक्ति ज्यादा बेहतर होती। दिन के वक्त इसमें कमी आती है। इसकी मदद से आप कई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि सुबह के वक्त का समझदारी से इस्तेमाल करें।

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