World Students Day 2025: आज मनाया जा रहा है विश्व छात्र दिवस, जानिए डाॅ. कलाम का इस दिन से नाता
World Students Day 2025 : छात्र दिवस मनाने की शुरुआत क्यों हुई, इस दिन का एपीजे अब्दुल कलाम से नाता और इसे मनाने के तरीके के बारे में जानना भी जरूरी है। आइए जानते हैं विश्व छात्र दिवस का इतिहास, महत्व और इस वर्ष की थीम।
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World Students Day 2025: हर साल 15 अक्टूबर को पूरी दुनिया में विश्व छात्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ छात्रों को समर्पित नहीं, बल्कि उस महान व्यक्तित्व को भी याद करने का अवसर है जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी। उनका नाम है, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम। वर्ष 2025 में भी यह दिन हमें यह याद दिलाएगा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की जड़ है। हालांकि छात्र दिवस मनाने की शुरुआत क्यों हुई, इस दिन का एपीजे अब्दुल कलाम से नाता और इसे मनाने के तरीके के बारे में जानना भी जरूरी है। आइए जानते हैं विश्व छात्र दिवस का इतिहास, महत्व और इस वर्ष की थीम।
क्यों मनाया जाता है विश्व छात्र दिवस?
डॉ. अब्दुल कलाम, जिन्हें ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के रूप में जाना जाता है, 15 अक्टूबर 1931 को जन्मे थे। वे न केवल भारत के पूर्व राष्ट्रपति थे, बल्कि एक महान वैज्ञानिक और शिक्षक भी रहे। उन्होंने हमेशा छात्रों को अपनी सबसे बड़ी ताकत माना। डॉ. कलाम के महान विचारों को सम्मान देने के लिए 15 अक्टूबर को विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन छात्रों के समर्पण, उत्साह और भविष्य निर्माण की क्षमता का उत्सव है।
विश्व छात्र दिवस का उद्देश्य
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य छात्रों की भूमिका को रेखांकित करना और उन्हें प्रेरित करना है कि वे शिक्षा को सिर्फ डिग्री प्राप्त करने का माध्यम न समझें, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का जरिया बनें। यह दिन शिक्षा संस्थानों, शिक्षकों और नीति-निर्माताओं को भी याद दिलाता है कि छात्र ही किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। डॉ. कलाम ने हमेशा यह कहा कि “शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे सशक्त शक्ति है।” इसलिए, छात्रों को अवसर, मार्गदर्शन और समर्थन देना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
छात्र दिवस का इतिहास और महत्व
वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे पहली बार वर्ष 2010 में मनाया गया था। इस दिन का उद्देश्य केवल डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनकी उस सोच को आगे बढ़ाना भी है जिसमें वे युवाओं को भारत का भविष्य मानते थे। उन्होंने वैज्ञानिक के रूप में इसरो और DRDO में काम करते हुए देश को मिसाइल और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ दीं, लेकिन उनका असली प्रेम शिक्षण से था। राष्ट्रपति बनने के बाद भी वे छात्रों के बीच जाते, लेक्चर देते और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते रहे।
विश्व छात्र दिवस 2025 की थीम
साल 2025 की आधिकारिक थीम अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन पिछले वर्षों की तरह यह “Innovation, Education and Empowerment” यानी नवाचार, शिक्षा और सशक्तिकरण पर केंद्रित रहने की संभावना है। इस वर्ष भी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रम, क्विज़, सेमिनार और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी