Samwad 2026: स्ट्रेस खत्म करने का असली राज बता गए गौर गोपाल दास, सुनकर बदल जाएगी सोच
Gaur Gopal Das Reveals Stress Reason: गौर गोपाल दास ने कहा, काम का बोझ तो हर व्यक्ति के जीवन में है और दबाव भी सभी के हिस्से में आता है। फिर भी कुछ लोग परिस्थितियों को सहजता से संभाल लेते हैं, जबकि कुछ लोग छोटी-सी परेशानी में टूट जाते हैं।
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Amar Ujala Samwad 2026 Gaur Gopal Das: राजधानी लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद 2026 में प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने जीवन, तनाव और सफलता को लेकर बेहद सरल लेकिन गहरी बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि आज अधिकांश लोग यह मानते हैं कि तनाव का कारण काम का बोझ या जिम्मेदारियां हैं, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अलग है।
उन्होंने कहा कि काम का बोझ तो हर व्यक्ति के जीवन में है और दबाव भी सभी के हिस्से में आता है। फिर भी कुछ लोग परिस्थितियों को सहजता से संभाल लेते हैं, जबकि कुछ लोग छोटी-सी परेशानी में टूट जाते हैं। इसका कारण बोझ नहीं, बल्कि व्यक्ति की क्षमता है। जिस प्रकार एक वेट लिफ्टर भारी वजन आसानी से उठा लेता है, लेकिन वही वजन सामान्य व्यक्ति के लिए कठिन हो जाता है, ठीक उसी प्रकार जीवन के तनाव को संभालने की क्षमता भी विकसित करनी पड़ती है। यदि व्यक्ति स्वयं को मानसिक रूप से मजबूत बना ले, तो वह तनाव को भी सहजता से संभाल सकता है।
स्ट्रेस को कैसे दूर करें?
गौर गोपाल दास ने यह भी कहा कि असली समस्या यह है कि हम बच्चों की तरह जीना भूल गए हैं। बच्चे हर पल को उत्साह और आनंद के साथ जीते हैं। उनमें भविष्य की चिंता कम और वर्तमान का आनंद अधिक होता है। यदि हम अपने जीवन में थोड़ा-सा बचपन वापस ले आएं, तो तनाव हमें उतना प्रभावित नहीं करेगा, जितना सामान्यतः करता है।
सफलता के पीछे भागना छोड़ दें
उन्होंने तितली का एक सुंदर उदाहरण देते हुए समझाया कि तितली को पकड़ने के लिए उसके पीछे भागना पड़ता है, लेकिन जितना अधिक हम उसके पीछे दौड़ते हैं, वह उतनी ही दूर उड़ जाती है। तितलियों को पकड़ने का सही तरीका उनके पीछे भागना नहीं, बल्कि एक सुंदर और खुशबूदार बगीचा तैयार करना है। जब बगीचा आकर्षक होगा, तो तितलियां स्वयं वहां चली आएंगी।
इसी प्रकार सफलता भी केवल उसके पीछे भागने से नहीं मिलती। सफलता को आकर्षित करना पड़ता है। व्यक्ति को अपने भीतर ऐसे गुण, ऐसी मेहनत और ऐसा व्यक्तित्व विकसित करना चाहिए कि सफलता स्वयं उसके पास आए। केवल यह कहते रहने से कि “मुझे यह चाहिए” या “मुझे वह चाहिए”, कुछ हासिल नहीं होता। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने जीवन को इतना योग्य और सुंदर बनाएं कि सुख, शांति, प्रेम और सफलता स्वयं हमारे जीवन का हिस्सा बन जाएं।
सफलता के लिए क्षमता विकसित करें
उन्होंने संदेश दिया कि जीवन में केवल इच्छाएं रखने से कुछ नहीं बदलता। बदलाव तब आता है, जब व्यक्ति अपने भीतर वह क्षमता विकसित करता है, जो उसकी इच्छाओं को वास्तविकता में बदल सके। जब इंसान स्वयं को बेहतर बनाने में लग जाता है, तब पूरी कायनात भी उसके सपनों को पूरा करने में उसकी साथी बन जाती है।