Workplace Tips: टीम को नियंत्रित न करें, मदद करें; सफल टीम लीडर बनने के लिए अपनाएं ये व्यवहारिक सुझाव
Empathy at workplace: यदि आप भी किसी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, तो एक अच्छे लीडर के रूप में आपको सहानुभूति जैसे कौशल को विकसित करने का अभ्यास करना चाहिए। यहां कुछ तरकीबें बताई गई हैं, जो आपके भीतर सहानुभूति रखने के गुण को विकसित करने में मदद करेंगी।
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Empathy at workplace: कार्यस्थल पर काम करने वाले प्रबंधक कई बार नेतृत्व के साथ-साथ अपनी टीम के सदस्यों के प्रति सहानुभूति दिखाने को जहमत तक नहीं उठा पाते हैं। इससे कर्मचारियों के बीच बर्नआउट बढ़ता है। साथ ही उनका मनोबल भी कमजोर पड़ने लगता है। इसलिए उनके मनोबल को बढ़ाने और कार्यस्थल पर एक सकारात्मक संस्कृति बनाएं रखने के लिए एक ऐसे प्रबंधक की जरूरत होती है, जो अपनी टीम के प्रति सहानुभूति रखे। यदि आप भी किसी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, तो एक अच्छे लीडर के रूप में आपको सहानुभूति जैसे कौशल को विकसित करने का अभ्यास करना चाहिए। यहां कुछ तरकीबें बताई गई हैं, जो आपके भीतर सहानुभूति रखने के गुण को विकसित करने में मदद करेंगी।
सहानुभूति दिखाएं
एक अच्छे लीडर के रूप में आपको अपने संगठन या टीम के लिए सहानुभूति की साझा समझ विकसित करनी चाहिए। सहानुभूति को विकसित करने के लिए यह विचार करें कि आपकी यह खूबी आपके काम में मूल्य कैसे जोड़ सकती है या आपने जी कार्यस्थल में सस्कृति बनाई है, यह उसे कैसे सकारात्मक रूप में प्रभावित कर सकती है। साथ ही सहानुभूति दिखाने के लिए यह भी सुनिश्चित करें कि पेशेवरों की जरूरतें भी पूरी होती रहें।
एक अच्छा श्रोता बने
अपने सहकर्मियों को ध्यान से सुनना और उनकी समस्या को हल करना भी सहानुभूति को दर्शाता है। इसलिए पहले एक अच्छा श्रोता बने और उन्हें यह विश्वास दिलाएं कि आप उनकी बात को अहमियत दे रहे हैं। साथ ही बगैर उन्हें परखें उनकी पूरी बात इत्मीनान से सुने। इसके अतिरिक्त टीम के सहकर्मियों में रुचि जगाने और उन्हें करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
मदद के लिए तैयार रहे
यदि आप अपनी टीम के सदस्यों के प्रति सहानुभूति दिखाना चाहते हैं, तो उन्हें नियंत्रित करने के बजाय उनसे पूछें कि मैं आपको कैसे मदद कर सकता हूं। जब आप उनकी परेशानी को जान लें, तो उन्हें समर्थन देते हुए उनकी सहायता करने का प्रयास करें। इस व्यवहार से आप अपनी टीम के सदस्यों का दिल जी पाएंगे। इससे आपकी टीम को प्रेरणा मिलेगी और कार्यस्थल में भी एक खुशहाल माहौल बना रहेगा।
अपना लहजा सहज बनाएं
सहानुभूति को व्यक्त करने के लिए आपके बात करने के लहजे में सहजता होनी चाहिए। खासतौर पर यदि कोई व्यक्ति अपनी भावनाओं और अनुभवों को आपसे साझा करता है, तो उससे कहें, मैं जानता हूं, इस वक्त आप कैसा महसूस कर रहे होंगे। साथ ही उसे प्रेरित करने के लिए अपने अनुभवों को भी साझा करें और उसे बताएं आपने अपने मुश्किल वक्त में चुनौतियों का किस साहस से सामना किया था।