यूपी: अब फंसी 4 हजार दरोगाओं की भर्ती
सिविल पुलिस और पीएसी में 4010 उपनिरीक्षकों की नियुक्ति में फिर पेच फंस गया है। चयन प्रक्रिया के दौरान मनमाने तरीके से आरक्षण लागू करने के कारण हाईकोर्ट ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने एडीजी पुलिस भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह अगली तारीख 24 अगस्त तक सभी गड़बड़ियों को दूर कर लें अन्यथा कोर्ट कड़ा आदेश पारित करेगी।
कोर्ट का यह आदेश नियुक्ति प्रक्रिया में क्षैतिज आरक्षण पाने वाले लाभार्थियों (महिला, विकलांग और एक्स सर्विस मैन) को आरक्षित कोटे के बजाए अनारक्षित सामान्य की सीटों पर नियुक्ति देने के आरोपों के मद्दे नजर आया है। पुलिस स्थापना बोर्ड के एडीजी (चयन एवं नियुक्ति) ने इस मामले में बुधवार को स्वयं अदालत में उपस्थित होकर पक्ष रखा।
गड़बड़ियां दूर करने के लिए 24 अगस्त तक की मोहलत
याची आशीष कुमार पांडेय के वकील सीमांत सिंह के मुताबिक एडीजी ने स्वयं अदालत के समक्ष यह स्वीकार किया कि क्षैतिज आरक्षण के कुछ अभ्यर्थियों को सामान्य की सीटों पर चयनित किया गया है। दूसरी ओर याची के वकील का कहना था कि क्षैतिज आरक्षण के तहत अभ्यर्थियों को सिर्फ आरक्षण कोटे की 50 फीसदी सीटों के अंतर्गत ही समायोजित किया जा सकता है।
सामान्य की सीटें सिर्फ तब दी जा सकती हैं जबकि अभ्यर्थी के कट ऑफ मार्क्स सामान्य वर्ग के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के अंक से अधिक हों। जबकि यहां ऐसा नहीं हुआ है। लगभग 100 सामान्य सीटों पर महिलाओं, विकलांगों और भूतपूर्व सैनिकों को समायोजित किया गया है जो कि नियम विरुद्ध है।
एडीजी पुलिस बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के बाद याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने अपनाई गई नियुक्ति प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई तक किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाते हुए कहा कि आरक्षण लागू करने में जो भी गड़बड़ियां हुई हैं उनको 24 अगस्त तक दूर कर लिया जाए। याचिका पर 24 अगस्त को पुन: सुनवाई होगी।