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Success Story: भेड़-बकरी चराने के साथ पढ़ाई करते हुए पाली के प्रकाश ने रीट लेवल 1 में पाई 6वीं रैंक
Fri, 05 Nov 2021 12:57 PM IST
सुभाष कुमार
जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Fri, 05 Nov 2021 12:57 PM IST
सार
Success Story: देवासी ने रीट परीक्षा में 135 अंक लेकर लाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन उन्हें प्रदेश में 6वीं रैंक मिली। प्रकाश लगभग चार सालों से सरकारी भर्ती की तैयारियों में जुटे हुए थे। कोरोना महामारी की वजह से हुए लॉकडाउन में उन्हें पढ़ाई का अच्छा मौका मिला।
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राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा रीट के परिणामों को जारी कर दिया गया है।
- फोटो : Social Media
विस्तार
राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा रीट के परिणामों को जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा के परिणाम में कई उम्मीदवारों ने मुश्किल परिस्थितियों में भी हार न मानते हुए और कड़ी मेहनत से सफलता का परचम लहराया है। इसी में एक नाम राजस्थान में पाली जिले के बोयल गांव के रहने वाले प्रकाश देवासी का भी है। देवासी ने रीट लेवल-1 परीक्षा में 146 अंक प्राप्त किए हैं और प्रदेश में 6वीं रैंक हासिल की है। इस सफलता का श्रेय प्रकाश ने अपनी मां को दिया है। उनके पिता भेराराम देवासी को एलर्जी की समस्या होने के कारण वह बारिश के मौसम में चरवाही करने नहीं जा पाते थे।
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प्रकाश को खुद भी कभी अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करेंगे। प्रकाश अपने पिता की मदद के लिए भेड़-बकरी चराने का काम करते थे। प्रकाश के अनुसार वह 12 घंटे तक पढ़ाई करते थे और भेड़-बकरी चराने के वक्त वह जंगल में भी अपनी किताबें लेकर चले जाते थे। जंगल में पढ़ाई करने में उन्हें शांति मिलती थी। उन्होंने रीट परीक्षा में 135 अंक लेकर लाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन उन्हें प्रदेश में 6वीं रैंक मिली। प्रकाश लगभग चार सालों से सरकारी भर्ती की तैयारियों में जुटे हुए थे। कोरोना महामारी की वजह से हुए लॉकडाउन में उन्हें पढ़ाई का अच्छा मौका मिला।
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पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को देखकर की तैयारी
प्रकाश ने परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का सहारा लिया और समझा कि किस तरीके के सवाल परीक्षा में पूछे जाएगे। समस्या आने पर उन्होंने जयपुर में कोचिंग भी की। प्रकाश ने 2020 में एमए की पढ़ाई पूरी की थी। पिता की तबियत खराब रहने के बाद भी उनकी मां ने घर को संभाला और साथ ही उन्हें पढ़ाई करने का हौसला दिया। प्रकाश अब आगे आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे अन्य उम्मीदवारों को अपने लक्ष्य के लिए सबकुछ छोड़कर निरंतर अभ्यास जारी रखने की सलाह दी है।
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