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Sakshi Malik: कैसे बनते हैं स्टेट लेवल और नेशनल लेवल पहलवान? पढ़िए पूरी डिटेल

Fri, 22 Dec 2023 02:32 PM IST
आकाश कुमार जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 22 Dec 2023 02:32 PM IST
सार

Sakshi Malik: गुरुवार को WFI चुनाव के बाद बृजभूषण शरण सिहं के करीबी माने जाने वाले संजय सिंह अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके बाद साक्षी मलिक ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया। ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसे बनते हैं नेशनल लेवल के कुश्ती खिलाड़ी।

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Sakshi Malik Retirement from Wrestling after WFI Election, how to become a international wrestler
Sakshi Malik, पहलवान कैसे बनते हैं? - फोटो : Social Media

विस्तार

Sakshi Malik: अपने देश में कुश्ती मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों का खेल है। हालांकि, अब यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला जाता है। कुश्ती कई शैलियों में लड़ी जाती हैं, जिनमें से सबसे प्रचलित फ्रीस्टाइल कुश्ती है। भारतीय पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया भी इसी शैली के पहलवान हैं. यहां हम बताने जा रहे हैं कि कैसे कोई खिलाड़ी अपनी कड़ी मेहनत व प्रैक्टिस के दम पर स्टेट और नेशनल लेवल तक पहुंच सकता है।

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बेस्ट अखाड़ा भी बेहद जरूरी

कुश्ती सीखने या एक पहलवान बनने के लिए सबसे पहला जरूरी काम होता है सही अखाड़ा चुनना। कोई अखाड़ा कितना अच्छा है इसका पता इस बात से चलता है कि वहां से कितने पहलवान नैशनल और इंटरनैशनल लेवल पर मेडल जीते हैं। आप इस संबंध में उस अखाड़े या ट्रेनिंग सेंटर में सीख रहे बच्चों से जानकारी ले सकते हैं।

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सुविधाओं का स्तर

अच्छे अखाड़े में परंपरागत सहित आधुनिक पहलवानी की भी सारी सुविधाएं होनी जरूरी होती हैं। उदाहरण प्रैक्टिस के लिए मैट की व्यवस्था, एसी हॉल, लेटेस्ट इक्विपमेंट के साथ वहां जिम व अन्य सुविधाएं।

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कोच है अहम

खिलाड़ी का प्रदर्शन कुछ हद तक अखाड़े में सिखाने वाले कोच पर निर्भर करता है। कोच के पास स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा संचालित संस्थान से डिप्लोमा होना चाहिए। गौरतलब है, जरूरी नहीं कि अच्छा पहलवान अच्छा कोच भी हो। इसलिए एक अच्छा कोच देखकर ही ट्रेनिंग करें।

पुरुष रेसलर की वेट कैटिगरी

  • स्कूल: अंडर-14 में 30 से 60 किलो, अंडर-17 में 42 से 100 किलो, अंडर-19 में 42 से 120 किलो
  • सब-जूनियर (कैडेट) या अंडर-17 में 42 से 100 किलो
  • जूनियर या अंडर-20 में 50 से 120 किलो
  • सीनियर (18 साल से ज्यादा) में 57, 61, 65, 70, 74, 84, 96 और 125 किलो तक वजन होता है।

गर्ल्स कैटिगरी के वेट

  • स्कूल: अंडर-14 में 30 से 60 किलो
  • सब जूनियर (कैडेट) या अंडर-17: 38 से 70 किलो
  • जूनियर (18 से 20 साल): 44 से 72 किलो
  • सीनियर (18 साल से ऊपर): 48, 53, 55, 58, 60, 63, 69 और 75 किलो

स्टेट लेवल पहलवान

ऐसे कोच की तलाश करें, जिसके पास राज्य स्तर या उससे ऊपर के स्तर पर पहलवानों को प्रशिक्षित करने का अनुभव हो। कई राज्य हर साल राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं, इनमें शामिल हों। इसके लिए जरूरी है कि किसी कुश्ती क्लब या टीम में शामिल हों। इससे आपकी अनुभवी कोचों से जान पहचान होगी।

नेशनल लेवल

राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के अलावा, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी होती हैं। ये प्रतियोगिताएं भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का अवसर प्रदान करती हैं। भारत में नेशनल लेवल पर वरिष्ठ राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप, जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप, युवा राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप, सब-जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप, कैडेट राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं।

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