Rajasthan VDO Exam: राजस्थान वीडीओ भर्ती परीक्षा स्थगित, नवंबर में होगा एग्जाम; 850 पदों पर होगी नियुक्ति
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा को स्थगित कर दिया है। पहले यह परीक्षा 31 अगस्त को प्रस्तावित थी। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 850 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। नीचे पढ़ें विवरण...
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Rajasthan VDO Exam Postponed: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा 2025 को स्थगित कर दिया है। पहले यह परीक्षा 31 अगस्त 2025 को आयोजित होनी थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है।
2 नवंबर को होगी परीक्षा
आधिकारिक नोटिस के अनुसार, राजस्थान वीडीओ भर्ती परीक्षा 2 नवंबर 2025 को आयोजित होगी। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 850 पदों को भरा जाएगा, जिसमें गैर अनुसूचित क्षेत्र के 683 और अनुसूचित क्षेत्र के 167 पद शामिल हैं। वहीं, लैब असिस्टेंट (Lab Assistant) परीक्षा की नई तारीख बोर्ड जल्द जारी करेगा।
बोर्ड की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि परीक्षार्थी नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करते रहें ताकि किसी भी अपडेट की जानकारी समय पर मिल सके।
चयन प्रक्रिया
ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पदों पर अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। यह परीक्षा दो चरणों में होगी- पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाएगी और उसके बाद मुख्य परीक्षा। केवल वही उम्मीदवार, जो प्रारंभिक परीक्षा में सफल होंगे, मुख्य परीक्षा देने के पात्र बनेंगे।
वेतनमान
चयनित उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स लेवल-6 के अनुसार सातवें वेतनमान के तहत आकर्षक वेतन मिलेगा, जो सरकारी सेवा के मानकों के अनुसार होगा।
चयन प्रक्रिया के बाद नियुक्ति प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, चयनित अभ्यर्थियों की सूची राजस्थान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को भेजी जाती है। वहां से जिलेवार मेरिट लिस्ट तैयार कर प्रोबेशनर ट्रेनी के रूप में अभ्यर्थियों को नियुक्त किया जाता है। यह प्रक्रिया विभागीय स्तर पर तय दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होती है।
नियमानुसार, सभी चयनित उम्मीदवारों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के अंतर्गत नियुक्त किया जाता है। इस अवधि में वेतन श्रृंखला के स्थान पर केवल राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियत पारिश्रमिक प्रदान किया जाता है। यह राशि आमतौर पर 18,000 रुपये से 23,700 रुपये के बीच होती है। इस दौरान उन्हें किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भत्ता (DA, HRA, आदि) नहीं दिया जाता।