सरकारी नौकरी के लिए नहीं देना होगा इंटरव्यू, 1 जनवरी से लागू
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इस साल अक्तूबर में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में समूह बी (गैर राजपत्रित), सी और ऐसे ही समकक्ष पदों पर नियुक्त में इंटरव्यू खत्म करने की घोषणा की थी। यानी अब केवल समूह ए और बी (राजपत्रित) पदों के लिए इंटरव्यू होगा।
कार्मिक विभाग के आदेश के मुताबिक मंत्रालय नियुक्ति प्रक्रिया में अपने हिसाब से शारीरिक या कौशल टेस्ट को बनाए रख सकते हैं। हालांकि, इन टेस्ट में केवल पास करना अनिवार्य होगा। इन टेस्ट के नंबर के आधार पर उम्मीदवार का समग्र मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
सरकारी नौकरी के लिए नहीं देना होगा इंटरव्यू
सभी मंत्रालयों को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि 31 दिसंबर 2015 तक इंटरव्यू खत्म करने की अवधि का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। एक जनवरी 2016 से निचले स्तर के पदों पर नियुक्ति के लिए इंटरव्यू नहीं होगा।
इसमें कहा गया है कि भविष्य में नौकरियों के विज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू का जिक्र नहीं होना चाहिए। अगर किसी खास पद पर भर्ती के लिए कोई मंत्रालय या विभाग इंटरव्यू जारी रखना चाहता है तो उसे इस बारे में एक विस्तृत प्रस्ताव प्रभारी मंत्री की मंजूरी के साथ कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को भेजना होगा।
इस बारे में कार्मिक मंत्रालय ने सात जनवरी तक सभी मंत्रालयों और विभागों से रिपोर्ट मांगी है। आदेश में कहा गया है कि जिस पद के लिए इंटरव्यू जारी रखने की मांग की जाएगी, उस बारे में भेजे जाने वाले पत्र में पद का नाम और उनकी संख्या आदि की विस्तृत जानकारी देनी होगी। इसी तरह सार्वजनिक उपक्रम विभाग ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे अपने अधीन के उपक्रमों में गैर कार्यकारी (नॉन एग्जीक्यूटिव) पदों पर नियुक्ति के लिए इसी प्रक्रिया को अपनाने को कहा है।
इन पदों के लिए नहीं होगा इंटरव्यू
केंद्र सरकार के अधीन समूह ए और बी के राजपत्रित पदों को छेड़कर सभी स्तर की नौकरियों में इंटरव्यू खत्म हो जाएगा। यानी समूह सी, बी (गैर राजपत्रित) के पदों के लिए इंटरव्यू नहीं होगा। केंद्र सरकार के अधीन इन्हीं पदों पर सबसे अधिक भर्ती होती है।
स्किल टेस्ट होगा, पर चयन का आधार नहीं
कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि जरूरत पड़ने पर मंत्रालय और विभाग विभिन्न पदों के लिए शारीरिक या स्किल टेस्ट ले सकते हैं, लेकिन इन टेस्ट में केवल पास करना अनिवार्य रहेगा। इन टेस्ट के नंबर को चयन का आधार नहीं बनाया जाएगा।