Interview Tips: इंटरव्यू में क्यों होती है नर्वसनेस? एक्सपर्ट ने बताई वजह और इससे बचने का तरीका
Interview Tips: इंटरव्यू स्किल्स ट्रेनर रि. कर्नल संजीत सिरोही का कहना है कि इंटरव्यू में नर्वसनेस या घबराहट स्वाभाविक है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हम खुद को तैयार करें और आत्मविश्वास के साथ इंटरव्यू में भाग लें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Interview Tips: इंटरव्यू के दौरान नर्वसनेंस या घबराहट एक सामान्य समस्या है, जिसे लगभग हर उम्मीदवार अनुभव करता है। किसी भी इंटरव्यू के दौरान यह तनाव हमारे प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है और परिणामों पर भी असर डाल सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट रि. कर्नल संजीत सिरोही ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है कि इंटरव्यू में नर्वसनेस क्यों होती है और इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।
इंटरव्यू स्किल्स ट्रेनर रि. कर्नल संजीत सिरोही का कहना है कि इंटरव्यू में नर्वसनेस या घबराहट स्वाभाविक है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हम खुद को तैयार करें और आत्मविश्वास के साथ इंटरव्यू में भाग लें। उन्होंने बताया कि मानसिक रूप से तैयार होकर ही हम बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और नर्वसनेस को दूर कर सकते हैं।
एक्सपर्ट ने बताए नर्वसनेस के कई कारण
ट्रेनर रि. कर्नल संजीत सिरोही ने कहा कि इंटरव्यू में नर्वसनेस के कई कारण हो सकते हैं। सबसे पहले, प्रेशर और उम्मीदें एक बड़ी वजह होती हैं। अक्सर इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों पर यह दबाव होता है कि वे अपनी क्षमताओं को सबसे अच्छे तरीके से प्रदर्शित करें, जो उन्हें घबराहट और तनाव की स्थिति में डाल सकता है। इसके अलावा, हम खुद से यह उम्मीद भी रखते हैं कि हर सवाल का सही और परफेक्ट जवाब देंगे, जो काफी तनावपूर्ण हो सकता है।
इसके अलावा, आत्म-संकोच और कम आत्मविश्वास भी नर्वसनेंस को बढ़ा सकते हैं, क्योंकि यदि उम्मीदवार को अपनी क्षमताओं या अनुभव पर पूरा यकीन नहीं होता, तो यह चिंता और घबराहट को और बढ़ा देता है।
इंटरव्यू के दौरान नर्वसनेस से बचने का तरीका
इंटरव्यू स्किल्स ट्रेनर रि. कर्नल संजीत सिरोही ने नर्वसनेस से बचने के लिए कई सुझाव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि सबसे पहले, इंटरव्यू से पहले पूरी तैयारी करना बेहद महत्वपूर्ण है। अच्छी तैयारी आत्मविश्वास को बढ़ाती है और घबराहट को कम करती है। इसके साथ ही, सकारात्मक सोच अपनाना भी जरूरी है। खुद को विश्वास दिलाएं कि आप अच्छा कर सकते हैं और नकारात्मक सोच से बचें। इंटरव्यू की प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश करें; इसे एक सामान्य बातचीत के रूप में देखें, न कि किसी कठिन परीक्षा के रूप में। इस दृष्टिकोण से मानसिक दबाव कम होगा। अंत में, मॉक इंटरव्यू का अभ्यास करने से भी आप अपने डर और तनाव को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं, क्योंकि यह वास्तविक इंटरव्यू का अनुभव देता है और आपको आत्मविश्वास प्रदान करता है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
![]()