पड़ताल: सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है भारतीय सेना भर्ती में आयु सीमा से जुड़ी खबर, जानिए क्या है सच्चाई
पड़ताल: सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने 2022 की सेना भर्ती के लिए आयु सीमा में 2 साल की छूट दे दी है। इस वायरल तस्वीर में देश के सीडीएस जनरल विपिन रावत की एक तस्वीर भी लगी है।
विस्तार
सरकारी या अन्य नौकरी की तलाश में लगे युवाओं की परेशानी केवल नौकरी खोजना नहीं बल्कि फेक न्यूज यानी झूठी जानकारियों से निपटना भी होता है। देश के करोड़ों युवा हर रोज कहीं न कहीं नौकरी के लिए आवेदन कर रहे होते हैं। वह कई बार गलत विज्ञापन और वेबसाइट के चक्करों में पड़ कर अपना समय और पैसे दोनों गवां देते हैं। हालांकि, केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा इन फर्जी विज्ञापनों की पोल खोल की जाती रही है।
सरकारी नौकरी से जुड़ी झूठी जानकारी की एक ऐसी ही तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही है। इस तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने 2022 की सेना भर्ती के लिए आयु सीमा में 2 साल की छूट दे दी है। इस पोस्ट में देश के जनरल बिपिन रावत की एक तस्वीर लगी है और इसमें लिखा है - '' ब्रेकिंग न्यूज - सेना भर्ती 2022 में अब नया नियम, उम्र में 2 साल की छूट , Army GD, वहीं आगे लिखा है कि देश के लाखों युवाओं की मेहनत रंग लाई है''।
केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक टीम ने इस खबर को झूठा करार दिया है। पीआईबी ने कहा- ''एक तस्वीर में दावा किया गया है कि भारत सरकार ने 2022 की सेना भर्ती के लिए आयु सीमा में 2 साल की छूट दी है। यह दावा फर्जी है। आयु सीमा में ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है। कृपया ऐसी फर्जी संदेश/ तस्वीर साझा न करें।''
एक तस्वीर में दावा किया गया है कि भारत सरकार ने 2022 की सेना भर्ती के लिए आयु सीमा में 2 साल की छूट दी है।#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) November 3, 2021
➡️ यह दावा फर्जी है।
➡️ आयु सीमा में ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है।
➡️ कृपया ऐसी फर्जी संदेश/तस्वीर साझा न करें।
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कैसे करें इन खबरों के विश्वसनीयता की पहचान
नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संदर्भ के लिए हमेशा ही संस्था या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट को देखना चाहिए। सरकारी संगठन अपनी वेबसाइट के माध्यम से, रोजगार समाचार के साप्ताहिक संस्करणों के माध्यम से और अपने सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल, आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से नौकरियों और उनके नियमों में बदलाव की घोषणा करते हैं।
ये विज्ञापन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार पत्रों में भी प्रकाशित किए जाते हैं। धोखाधड़ी करने वाली वेबसाइट और रिक्रूटर्स अक्सर उम्मीदवारों को समान दिखने वाली जॉब नोटिफिकेशन और एप्लीकेशन फॉर्मेट के साथ नौकरी उपलब्ध कराने का झांसा देते हैं। इस कारण कई उम्मीदवार ठगी का भी शिकार हो जाते हैं।