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DU: कॉलेज में शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए डीयू ने पेश किए नए नियम; 23 मई को मिलेगी अंतिम मंजूरी

Sat, 17 May 2025 06:12 PM IST
आकाश कुमार जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 17 May 2025 06:12 PM IST
सार

Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय ने कॉलेजों में शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए एक नीति तैयार की है। प्रस्ताव 23 मई को विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा जाएगा, जहां इसे अंतिम मंजूरी मिलेगी। 
 

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DU introduced new uniform seniority policy to determine seniority of teachers in college; Read here
दिल्ली विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय कॉलेज शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए एक समान नीति लागू करने जा रहा है। इस नीति को लाने का उद्देश्य अस्पष्टता को खत्म करना और संकाय नियुक्तियों और आंतरिक प्रशासन को सुव्यवस्थित करना है। प्रस्ताव को 23 मई को होने वाली आगामी कार्यकारी परिषद (EC) की बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

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क्यों पड़ी नीति की जरूरत?

कॉलेजों में विशेषकर सहायक प्रोफेसर (लेवल-10) के बीच वरिष्ठता तय करने के लिए कोई स्पष्ट और मानकीकृत ढांचा नहीं होने के कारण, कई बार पदोन्नति, नामांकन, और अकादमिक समितियों व वैधानिक निकायों में वरिष्ठतम सदस्य चुनने में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।

इस महत्वपूर्ण समस्या को समझते हुए, विश्वविद्यालय ने जुलाई 2024 में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया, जिसका उद्देश्य वरिष्ठता निर्धारण को लेकर एक समान नीति तैयार करना था।

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समिति का गठन और संरचना

यह समिति कॉलेजों के डीन की अध्यक्षता में बनी थी, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख कॉलेजों के प्राचार्य, कार्यकारी परिषद और अकादमिक परिषद के सदस्य, तथा SC, ST और OBC वर्गों के प्रतिनिधि सदस्य शामिल थे।

समिति ने जुलाई 2024 से अप्रैल 2025 के बीच कुल पांच बैठकें कीं और विश्वविद्यालय के ऑर्डिनेंस XI में उल्लिखित प्रावधानों का विस्तार से अध्ययन किया। इसके बाद समिति ने अपनी सिफारिशों का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर विश्वविद्यालय को सौंपा।

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वरिष्ठता तय करने का प्रस्तावित तरीका

समिति के अनुसार, अब वरिष्ठता निर्धारण के लिए नई स्पष्ट प्रक्रिया अपनाई जाएगी:

  • जिस विभाग में पहले नियुक्ति हुई है, उसे अन्य विभागों की तुलना में वरिष्ठ माना जाएगा।
  • किसी एक विभाग के भीतर, यदि चयन समिति ने एक समान वरिष्ठता सूची नहीं बनाई है, तो सभी श्रेणियों में पहले स्थान पर नियुक्त फैकल्टी सदस्यों को बराबर स्तर पर रखते हुए, आयु के आधार पर वरिष्ठता तय की जाएगी।


यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक सभी रैंक (क्रम) तय नहीं हो जाते। इससे हर श्रेणी (जैसे SC, ST, OBC, General) के अंदर स्वतंत्र वरिष्ठता स्पष्ट होगी, पर सामान्य वरिष्ठता क्रम से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। यह नीति पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देगी।

कार्यकारी परिषद की स्वीकृति के बाद होगा लागू

यदि यह प्रस्ताव 23 मई को कार्यकारी परिषद (Executive Council) से स्वीकृति प्राप्त कर लेता है, तो यह नई नीति वर्षों से चली आ रही वरिष्ठता को लेकर अस्पष्टता और संस्थागत विवादों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाएगी।

साथ ही, यह नीति विश्वविद्यालय के उन बड़े लक्ष्यों को भी सपोर्ट करेगी, जिनका उद्देश्य समानता, कार्यकुशलता और अच्छे प्रशासन को विश्वविद्यालय के सभी अंगों में स्थापित करना।

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