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Delhi HC: तीन प्रतियोगी परीक्षाओं में ऊंचाई माप में गलती, दोबारा मापने का आदेश; दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Wed, 26 Mar 2025 07:58 AM IST
शिवम गर्ग गौरव बाजपेई
गौरव बाजपेई Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 26 Mar 2025 07:58 AM IST
सार

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवार प्रशांत कुमार की ऊंचाई का पुनर्मापन करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने सुनाया।

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Delhi HC: Height Measurement Error in Three Competitive Exams, Orders Re-Measurement; Decision by High Court
दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला - फोटो : ANI

विस्तार

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में उम्मीदवार प्रशांत कुमार की ऊंचाई को दोबारा मापने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा-2024 में सब-इंस्पेक्टर पद के लिए अयोग्य घोषित किया गया था। यह आदेश न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि ऊंचाई का पुनर्मापन सफदरजंग अस्पताल में 27 मार्च को सुबह 11 बजे होगा।
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प्रशांत कुमार की याचिका का तर्क

प्रशांत कुमार ने अपनी याचिका में 24 अक्तूबर, 2024 को हुए शारीरिक मानक परीक्षण (पीएसटी) के परिणाम को चुनौती दी थी। इस परीक्षण में उनकी ऊंचाई 169.5 सेमी मापी गई, जो निर्धारित मानक 170 सेमी से 0.5 सेमी कम थी। इस आधार पर उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। हालांकि, याचिकाकर्ता का कहना था कि 2020, 2022 और 2023 की चयन प्रक्रियाओं में उनकी ऊंचाई 170 सेमी या उससे अधिक मापी गई थी और उन्हें योग्य घोषित किया गया था।
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यूपी बोर्ड 2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परिणाम घोषित होने पर छात्र अमर उजाला की वेबसाइट के माध्यम से अपना रिजल्ट देख और डाउनलोड कर सकेंगे।

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27 मार्च को होने वाले पुनर्मापन के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी

उनके वकील ने तर्क दिया कि इस साल की रिपोर्ट में गलती हो सकती है। प्रतिवादियों के वकील ने दलील दी कि याचिका में देरी हुई है और लिखित परीक्षा भी हो चुकी है, इसलिए राहत नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि पांच महीने की देरी कोई बड़ी बात नहीं है, खासकर तब जब कोई व्यक्ति अपनी कानूनी लड़ाई लड़ रहा हो। कोर्ट ने यह भी माना कि पिछली रिपोर्ट्स में याचिकाकर्ता की ऊंचाई मानक के अनुसार थी, जिससे इस साल की रिपोर्ट पर संदेह पैदा होता है। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया कि छोटी सी गलती के कारण किसी का करियर प्रभावित न हो। इस मामले पर अब 27 मार्च को होने वाले पुनर्मापन के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

कोर्ट ने यह आदेश दिए

  • याचिकाकर्ता की ऊंचाई का पुनर्मापन 27 मार्च, 2025 को सफदरजंग अस्पताल में होगा।
  • अगर ऊंचाई 170 सेमी या उससे अधिक पाई जाती है तो उन्हें पीएसटी में योग्य माना जाएगा।
  • चूंकि लिखित परीक्षा हो चुकी है, उन्हें अगले बैच के साथ परीक्षा देने का मौका मिलेगा। जरूरत पड़ने पर आयु में छूट भी दी जाएगी।
  • सफल होने पर उन्हें अगले चयनित बैच के साथ नौकरी दी जाएगी।
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