Career Tips: सिर्फ अपने बारे में न सोचें, टीम को सफलता तभी मिलती है, जब आप पूरी टीम की भलाई को प्राथमिकता दें
Career Tips: कार्यस्थल पर कुछ लोग केवल अपने फायदे को प्राथमिकता देते हैं, जिससे भरोसा, सहयोग और संचार कमजोर होते हैं। लीडर्स को समय रहते ऐसे व्यवहार पर नियंत्रण कर, खुला संवाद, स्पष्ट अपेक्षाएं, सम्मानपूर्ण टीम संस्कृति और मानसिक समर्थन को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि टीम का मनोबल और प्रदर्शन मजबूत रहे।
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Career Tips: कार्यस्थल पर कुछ लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। ऐसे लोग अपने फायदे को प्राथमिकता देते हैं, दूसरों के काम को श्रेय ले लेते हैं और ईमानदार प्रतिक्रिया से बचते हैं। ऐसा माहौल भरोसा, सहयोग और संचार को कमजोर कर देता है, जिससे टीम का मनोबल कम होता जाता है और प्रदर्शन प्रभावित होने लगता है।
लंबे समय में यह व्यवहार न केवल टीम की एकजुटता, बल्कि कंपनी की उत्पादकता के लिए भी हानिकारक साबित होता है। लीडर्स को ऐसे व्यवहार की पहचान कर समय रहते ही काबू पा लेना चाहिए, ताकि सहयोगी और सम्मानजनक कार्य वातावरण बन सके।
अपेक्षाएं तय करें
निरंतर संघर्ष, आपसी अविश्वास और कमजोर संचार टीम और परियोजना के प्रदर्शन को काफी घटा देते हैं, चाहे टीम कितनी ही कुशल क्यों न हो। ऐसी स्थिति सुधारने के लिए खुला और सम्मानजनक संवाद बढ़ाना, टीम के भीतर भरोसा बनाने वाले कदम उठाना और जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता या टीम-बिल्डिंग गतिविधियों का सहारा लेना उपयोगी होता है। इससे टीम का माहौल बेहतर होता है और प्रदर्शन दोबारा मजबूत हो सकता है।
ताकि सुरक्षित माहौल बने
आत्ममुग्ध व्यवहार टीम के सदस्यों में तनाव बढ़ाता है, नौकरी से संतुष्टि कम करता है और धीरे-धीरे उनका आत्म-सम्मान भी घटा सकता है। ऐसे में, लीडर को पारदर्शी संवाद को बढ़ावा देना चाहिए, कर्मचारियों को अपनी चिंताएं सुरक्षित माहौल में साझा करने का अवसर देना चाहिए और टीम लीडर को निष्पक्ष व सम्मानजनक व्यवहार अपनाना चाहिए। साथ ही, नियमित फीडबैक, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, और स्पष्ट सीमाएं तय करना कर्मचारियों का मनोबल वापस बढ़ाने में मदद करता है।
खुले संवाद रखें
यह व्यवहार रखने वाले लोग अक्सर दूसरों के विचारों को नजरअंदाज कर देते हैं और काम को सही तरीके से सौंप नहीं पाते, जिसके कारण टीम की रचनात्मकता दब जाती है और संगठन की आगे बढ़ने की क्षमता सीमित हो जाती है। रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए लीडर को खुले संवाद को प्रोत्साहित करना चाहिए, टीम के हर सदस्य को अपने विचार साझा करने का समान मौका देना चाहिए और निर्णय प्रक्रिया में विविध दृष्टिकोणों को शामिल करना चाहिए।
सकारात्मक संस्कृति है जरूरी
यदि आत्ममुग्ध व्यवहार को नहीं रोका जाए, तो यह टीम में खराब संस्कृति बना देता है, जिसे बाद में बदलना कठिन होता है। इससे बचने के लिए स्पष्ट नियम, जवाबदेही, सम्मान, त्वरित कार्रवाई और नियमित फीडबैक जरूरी हैं, ताकि भरोसेमंद कार्य-संस्कृति बनी रहे। यही प्रयास संगठन में दीर्घकालिक सहयोग और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करते हैं।
- द कन्वर्सेशन