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Assam: असम में छात्र स्थानीय भाषाओं में पढ़ पाएंगे गणित और विज्ञान, वर्चुअल रियलिटी से बदलेगा शिक्षा का तरीका

Thu, 13 Mar 2025 08:48 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 13 Mar 2025 08:48 AM IST
सार

Assam Education: असम में छात्रों को गणित और विज्ञान अब अपनी स्थानीय भाषाओं में वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से पढ़ने का मौका मिलेगा। आईआईटी गुवाहाटी ने इस शिक्षा प्रणाली को 'ज्ञानधारा' नामक मेटावर्स प्लेटफॉर्म से विकसित किया है।

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Assam Students study maths and science in local languages, virtual reality will change education
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

Assam Math Science in Local Languages: असम के पीएम श्री आदर्श विद्यालयों के छात्रों को जल्द ही गणित और विज्ञान अपनी स्थानीय भाषाओं में पढ़ पाएंगे और यह वर्चुअल रियलिटी (वीआर) की मदद से संभव होगा। इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी भारत का पहला वीआर-सक्षम मेटावर्स प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इससे शिक्षा को अधिक रोचक और आकर्षक बनाया जाएगा। इस परियोजना का नाम ज्ञानधारा है।

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इसे आईआईटी गुवाहाटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और असम सरकार के शिक्षा विभाग के सहयोग से तैयार कर रहा है। इसे इस साल के अंत में असम के 56 पीएम श्री स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। कामयाब रहने पर इसे पूर्वोत्तर और देशभर में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य मुश्किल विषयों को आसानी से समझने में मदद करना है।

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मुश्किल पढ़ाई होगी रोचक व व्यावहारिक

इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे आईआईटी गुवाहाटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ केयूर सोरठिया बताते हैं कि ज्ञानधारा मेटावर्स वर्चुअल रियलिटी तकनीक का इस्तेमाल कर श्रीडी वातावरण तैयार करेगा। इससे पढ़ाई अधिक रोचक और व्यावहारिक होगी। डॉ सोरठिया के मुताबिक, यह मंच 13 से 18 वर्ष की उम्र के छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है। इससे उनमे खुद की रचनात्मकता विकसित करने, तर्क शक्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का सफर रोमांचक और आनंददायक होना चाहिए। यह मेटावर्स छात्रों को एक गतिशील और आकर्षक शिक्षा वातावरण देगा ताकि वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें और बेहतर समाज और दुनिया बनाने में योगदान दे सकें।

स्थानीय भाषाओं में समझेंगे जटिल विषय

सोरठिया ने कहा कि शुरू में 8वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे तीन विषयों को शामिल किया जाएगा। यह परियोजना इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें छात्र स्थानीय भाषाओं में वीआर के जरिए जटिल विषयों को समझ सकेंगे।

उन्होंने कहा कि 8वीं से 12वीं कक्षा की कई किताबों में दिए गए विषयों को पारंपरिक पढ़ाई (ब्लैकबोर्ड या किताबों) से समझना कठिन होता है। इस मेटावर्स के जरिए इन विषयों को इंटरएक्टिव तरीके से पेश किया जाएगा ताकि छात्र आसानी से सीख सकें और पढ़ाई उनके लिए अधिक मजेदार बन सके।

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