Government Jobs: अगले महीने सरकारी नौकरी की बहार! शिक्षण और पुलिस विभाग में नौकरी पाने का रहेगा मौका
Teaching Jobs: अप्रैल के पहले सप्ताह से 16,347 शिक्षकों की भर्ती शुरू होगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने यह घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया DSC परीक्षा के माध्यम से होगी और स्कूल खुलने से पहले पूरी की जाएगी। SC वर्गीकरण लागू करने पर भी विचार हो रहा है।
विस्तार
Andhra Pradesh: अप्रैल 2025 में ढेरों पदों पर सरकारी नौकरी पाने का अवसर रहेगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य में 16,347 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू होगी। यह भर्ती जिला चयन समिति (DSC) परीक्षा के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा, बिहार के पुलिस विभाग में कांस्टेबल के 19,828 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चालू है, जोकि अप्रैल में समाप्त होगी।
भर्ती प्रक्रिया कब पूरी होगी?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में कहा कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू होनी चाहिए और स्कूलों के नए शैक्षणिक सत्र में खुलने से पहले पूरी कर ली जानी चाहिए।
नायडू ने कहा, "अप्रैल के पहले सप्ताह में 'मेगा DSC' भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा... प्रक्रिया अप्रैल में शुरू होनी चाहिए और स्कूल खुलने तक पूरी हो जानी चाहिए, जिसमें प्रशिक्षण भी शामिल हो।"
नवीनतम बदलाव और आरक्षण
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि इस भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति (SC) के उप-वर्गीकरण को शामिल किया जा सकता है। इसमें SC को A, B, C और D श्रेणियों में बांटा जा सकता है।
इसके लिए राजीव रंजन मिश्रा की अध्यक्षता वाली वन-मैन कमेटी की रिपोर्ट केंद्र सरकार और अन्य संबंधित विभागों को भेजी गई है। उनके सुझावों के आधार पर सरकार आगे बढ़ेगी। नायडू ने कहा कि यह कदम 2024 के चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में किया जा रहा है।
DSC परीक्षा की पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टर्स से DSC परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं हैं – कल्याण, विकास और सुशासन।
उन्होंने यह भी कहा कि गरीबी हटाने और लोगों की खुशी सुनिश्चित करने के लिए कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी रूप से लागू होना बेहद जरूरी है, खासकर तब जब जनता की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं।