फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Woman being carried to hospital on charpoy dies mid-way in Jharkhand news in hindi

Jharkhand: खाट पर इस गांव की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, महिला को चारपाई पर रखकर परिजन चले चार किमी पैदल, हुई मौत

Tue, 16 Jul 2024 10:50 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 16 Jul 2024 10:50 AM IST
सार

स्थानीय प्रखंड विकास अधिकारी अमरेन डांग ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह इस मामले में जानकारी जुटा रहे हैं। प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण सहित ग्रामीणों की सभी बुनियादी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
 

विज्ञापन
Woman being carried to hospital on charpoy dies mid-way in Jharkhand news in hindi
जिला अस्पताल - फोटो : प्रतिकात्मक तस्वीर

विस्तार

झारखंड के लातेहार जिले में आज भी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण महुआटांड प्रखंड के बसेरिया गांव में देखने को मिला। बसेरिया के लोग बिना सड़क के अपने रोजमर्रा के काम को निपटाते हैं। हालांकि, गांव वालों के सामने विकट स्थिति तब उत्पन्न हो जाती है, जब कोई बीमार हो जाता है और उसे अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ जाती है। सड़क न होने कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं आ पाती। गांव वाले बीमार व्यक्ति को खाट पर लाद कर अस्पताल ले जाते हैं। इस दौरान समय से इलाज न मिलने के कारण मरीजों की मौत हो जाती है। 

विज्ञापन


रास्ते में हुई मौत
ऐसा ही एक और मामला यहां सामने आया है। लातेहार जिले में सोमवार को परिजनों द्वारा 45 वर्षीय एक महिला को चारपाई पर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि शांति कुज्जुर को चारपाई पर अस्पताल ले जाने के लिए इसलिए विवश होना पड़ा क्योंकि गांव की सड़क की हालत खस्ता हो रखी है। इसकी वजह से एंबुलेंस नहीं आ पा रही थी।
विज्ञापन


स्थानीय प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमरेन डांग ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह इस मामले में जानकारी जुटा रहे हैं। बीडीओ ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण सहित ग्रामीणों की सभी बुनियादी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुखार से पीड़ित थी महिला
बताया जा रहा है कि आदिवासी महिला पिछले कुछ दिनों से बुखार और बदन दर्द से पीड़ित थी। सोमवार सुबह उसने सीने में दर्द की शिकायत की। उसके पति रेमिश मिंज और अन्य रिश्तेदार उसे चारपाई पर लादकर करीब चार किलोमीटर दूर अस्पताल ले गए। हालांकि, पास में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन कथित तौर पर वहां कोई आधारभूत सुविधाएं नहीं है।


महुआटांड अस्पताल के प्रभारी डॉ. अमित खालको ने बताया कि मरीज की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई।

दशकों से नहीं दिया कोई ध्यान
दुरूप पंचायत के पूर्व पंचायत समिति सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने दावा किया कि क्षेत्र में एक उचित सड़क की ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने दशकों तक कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य सड़क से जुड़ने वाली कोई उचित संपर्क सड़क होती तो शायद महिला आज जिंदा होती। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed