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जेपीएससी छात्र आंदोलन: देवेन्द्र गुट ने भूख हड़ताल तोड़ी, आंदोलन जारी, छात्र न्याय मंच में तीन छात्र अनशन पर
Tue, 18 Aug 2026 02:50 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 18 Aug 2026 02:50 AM IST
सार
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का सत्याग्रह मंगलवार को 24वें दिन भी जारी रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं व संबंधित भर्तियों को रद्द करने की घोषणा के बाद एक गुट ने अनशन खत्म कर दिया, लेकिन रिफॉर्म मंच के तीन छात्र सीबीआई जांच समेत चार मांगों को लेकर अब भी भूख हड़ताल पर हैं।
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झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडे
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
विस्तार
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा सत्याग्रह आंदोलन 24वें दिन भी खत्म नहीं हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से छात्रों की कई प्रमुख मांगें मान लिए जाने और सीजीएल परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्रों में खुशी जरूर देखने को मिली, लेकिन सीबीआई जांच समेत चार मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया गया है। इसी बीच सीजीएल परीक्षा में चयनित 1975 अभ्यर्थियों के सामने भी नौकरी जाने का संकट खड़ा हो गया है।
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दो गुटों में बंटा छात्रों का आंदोलन
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा आंदोलन फिलहाल दो गुटों में बंटा हुआ है। एक गुट देवेन्द्रनाथ के नेतृत्व में अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहा है, जबकि दूसरा गुट जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के तहत आंदोलन कर रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक के बाद सीजीएल परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं और उनसे संबंधित भर्तियों को रद्द करने की घोषणा की थी। सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलनकारी छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने आंदोलन स्थल पर जश्न मनाया।
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मंत्रियों ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन
सोमवार देर रात मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पर पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने देवेन्द्रनाथ गुट के छात्रों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। मंत्रियों ने जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म गुट के छात्रों से भी अनशन खत्म करने की अपील की। हालांकि, इस गुट के छात्रों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर अपना रुख साफ कर दिया और अनशन जारी रखने का फैसला किया। फिलहाल स्टेडियम में दोनों गुटों का सत्याग्रह जारी है। देवेन्द्रनाथ गुट ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन आंदोलन जारी रखने की बात कही है। वहीं, रिफॉर्म गुट के तीन छात्र अब भी भूख हड़ताल पर हैं।
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सीबीआई जांच समेत चार मांगों पर अड़े छात्र
रिफॉर्म गुट के छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों में से अभी केवल कुछ मांगें ही मानी हैं और उन फैसलों को लेकर लिखित आदेश भी जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। इसके अलावा एज कटऑफ को 2018 किया जाए, अधियाचना वापस ली जाए और जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की अनुशंसा की जाए। पीयूष कुमार के मुताबिक, इन चारों मांगों पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने तक छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा।
CGL के 1975 चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी पर संकट
इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से सीजीएल परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद इस परीक्षा में चयनित 1975 अभ्यर्थियों के सामने नौकरी जाने का संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार को ये चयनित अभ्यर्थी अपनी बात रखने के लिए मंत्रालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मंत्रालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद सभी अभ्यर्थी मंत्रालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस तरह एक तरफ जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है, तो दूसरी तरफ सीजीएल परीक्षा रद्द होने के बाद चयनित अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। अब दोनों पक्षों की नजर सरकार की ओर से आने वाले लिखित आदेश और अगले कदम पर टिकी है।
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