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Jharkhand: मानव तस्करी की शिकार 12 बच्चियों-महिलाओं को बचाया, वापस चाईबासा लाया गया
Mon, 17 Oct 2022 09:30 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 17 Oct 2022 09:30 PM IST
सार
जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीता तिवारी ने बताया कि बच्चियों के परिवार के सदस्य पढ़े लिखे नहीं हैं। तस्करों ने परिवारों को पैसे का लालच दिया। बच्चियों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर उन्हें दिल्ली ले गए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मानव तस्करी की शिकार 12 बच्चियों और महिलाओं को वापस झारखंड के चाईबासा लाया गया है। चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिले का मुख्यालय है। उन्हें दिल्ली से मुक्त कराया गया। जानकारी के मुताबिक, तस्करी का शिकार हुए लोगों में 10 बच्चियां और दो महिलाएं हैं। ज्यादातर बच्चियां पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा, गुदरी और बंदगांव ब्लॉक की हैं।
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जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीता तिवारी ने बताया कि बच्चियों के परिवार के सदस्य पढ़े लिखे नहीं हैं। तस्करों ने परिवारों को पैसे का लालच दिया। बच्चियों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर उन्हें दिल्ली ले गए।
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दिल्ली में स्थित झारखंड भवन में पुनर्वास एवं संसाधन केंद्र के एक अधिकारी की सूचना के बाद तस्करों का पता लगाया गया। दिल्ली पुलिस और एक संगठन के कर्मियों द्वारा बचाए जाने के बाद बच्चियों को बालिका आश्रय गृह में रखा गया था।
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सूचना मिलने के बाद राज्य कल्याण विभाग ने टीम गठित की थी। टीम बच्चियों को ट्रेन के जरिए दिल्ली से रांची ले गई। बच्चियों को चाईबासा के एक आश्रय गृह में रखा गया है। जल्द ही उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।