{"_id":"d237894a-e3d2-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"sp-called-for-help-before-death-in-naxal-attack","type":"story","status":"publish","title_hn":"नक्सली हमला: एसपी से पहले फोन करवाया फिर गोली मार दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नक्सली हमला: एसपी से पहले फोन करवाया फिर गोली मार दी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 03 Jul 2013 04:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झारखंड में मंगलवार को नक्सली हमले में शहीद हुए पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक अमरजीत बलिहार ने पुलिस अधिकारी से फोन करके सहायता भी मांगी थी लेकिन मदद पहुंच पाती इससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
जब बलिहार मदद मांग रहे थे तो पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल फोन पर दूसरी तरफ से गोलियों की आवाज भी सुनी।
दुमका क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीजीपी) राजीव कुमार ने दुमका में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक से लौटते समय रास्ते में नक्सलियों ने बलिहार पर हमला बोल दिया। इस दौरान मुठभेड़ करते हुए उनकी जान चली गई।
विज्ञापन
एसपी की टीम पर काथीकुंड और गोपिकानार के बीच जंगली क्षेत्र में हमला हुआ था। बताया जा रहा है कि करीब 40 से 50 नक्सलियों ने पहले बारूदी सुरंग में विस्फोट किया और उसके बाद पुलिस काफिले पर गोलियां बरसा दीं।
विज्ञापन
नक्सलियों से घिरने के बाद बलिहार ने अमरापाड़ा पुलिस थाने के निरीक्षक को फोन करके मदद मांगी। लेकिन पुलिस की सहायता पहुंचने तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक माओवादियों ने एसपी से कहा कि वह मदद के लिए पुलिस अधिकारियों को फोन करें। बलिहार ने फोन किया और मदद मांगी, लेकिन उनकी हत्या कर दी गई और पुलिस अधिकारियों ने गोलियों की आवाज मोबाइल फोन पर सुनी।
अमरजीत बलिहार 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। वे झारखंड आर्म्ड पुलिस के कमांडेंट रह चुके थे। उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ काफी कड़े कदम उठाए थे। इसी वजह से पाकुड़ में पोस्टिंग के समय से ही वे नक्सलियों के निशाने पर थे।