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यहां शिव मंदिर की छत बनाते ही होती है अनहोनी

Mon, 19 Aug 2013 05:34 PM IST
इंटरनेट डेस्क
इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 19 Aug 2013 05:34 PM IST
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shiv temple without roof in jharkhand

झारखंड के गिरिडीह जिले में एक ऐसा भी शिव मंदिर है जिस पर छत नहीं है। झारखंड धाम नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर पर जब-जब छत ढालने की कोशिश की गयी तब तब कोई न कोई अनहोनी घटना घटती है और छत नहीं बन पाती है।

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लोग कहते है कि भगवान शिव को छत के नीचे रहना पसंद नहीं है।

चारों ओर से दीवार से घिरे इस मंदिर के बीच में भगवान शिव का लिंग स्थापित है जिस पर लोग जलाभिषेक करते है। जिले के जमुआ प्रखंड स्थित यह शिव मंदिर बहुत पुराना है।
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इस मंदिर मे पूजा अर्चना करने के लिये झारखंड राज्य के कोने-कोने से लोग आते है। मंदिर में हर वक्त भीड़ लगी रहती है और लगन के अवसर पर हजारों की संख्या मे यहां शादियां होती है।
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सावन माह में झारखंड धाम में शिव भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। प्रति दिन भक्त जलाभिषेक करने के पूर्व पास के तालाब में स्नान करते है, उसके बाद भगवान भोलेनाथ पर जल चढाते है।


मंदिर प्रांगण में अन्य देवी देवताओं का भी मंदिर है किन्तु भगवान शंकर का नहीं है। एक कमरा मे शंकर भगवान विराजमान है और उस कमरा के ऊपर छत नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना कहते है कि जब-जब छत बनाने की कोशिश की गई लोग नाकाम रहे और जोरो की आंधी में छत उड़ जाता है। यहां भी यह धारणा है कि जो भक्त यहां सच्चे हृदय से आते है उनकी मनोकामना पूरी होती है।

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