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Hindi News ›   Jharkhand ›   Richa Bharti who share offensive content on facebook denies to court condition to distribute Quran

जमानत के लिए छात्रा को कुरान की कॉपी बांटने का आदेश अदालत ने लिया वापस

Wed, 17 Jul 2019 09:25 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: आसिम खान Updated Wed, 17 Jul 2019 09:25 PM IST
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Richa Bharti who share offensive content on facebook denies to court condition to distribute Quran
ऋचा भारती (फाइल फोटो) - फोटो : social media

रांची की एक अदालत ने कथित आक्रामक फेसबुक पोस्ट को लेकर गिरफ्तार की गई एक कॉलेज छात्रा को कुरान की प्रतियां दान करने की शर्त पर जमानत देने के अपने आदेश में बुधवार को संशोधन किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह ने ऋचा भारती को सशर्त जमानत दी थी और कहा था कि वह कुरान की एक प्रति पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में स्थानीय अंजुमन कमेटी और चार अन्य प्रति शहर के विभिन्न पुस्तकालयों को दान करे।

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अदालत के इस आदेश की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई और मंगलवार को टि्वटर पर #RichaBharti ट्रेंड करने लगा। बुधवार को अदालत ने अपने आदेश में संशोधन किया और छात्रा को सात हजार रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के दो मुचलकों पर नियमित जमानत दे दी।
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अदालत ने जमानत के लिए ऋचा भारती को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक पोस्ट करने आरोप में कुरान की प्रतियां बांटने का आदेश दिया था। हालांकि, ऋचा ने अदालत के इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया था। ऋचा ने अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात भी कही थी।
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सोशल साइट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर 12 जुलाई को सदर अंजुमन कमेटी, पिठोरिया द्वारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि पिछले तीन दिनों से ऋचा फेसबुक साइट पर धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर रही है। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज होने के तीन घंटे के भीतर ऋचा भारती को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पहले 15 दिन में कुरान की पांच प्रतियां बांटने का दिया था आदेश

रांची की अदालत ने ऋचा को कुरान की पांच प्रतियां बांटने की शर्त पर जमानत दी थी। जज ने 19 वर्षीय ऋचा भारती को यह कहकर जमानत दी कि उसे 15 दिनों के अंदर कुरान की पांच प्रतियां बांटनी होंगी। बता दें कि सात हजार रुपये के दो निजी बांड जमा करने के बाद सोमवार को ऋचा जेल से बाहर आ सकी थी।

वैसे तो हजार कॉपियां बांट दूं, लेकिन सजा के तौर पर नहीं : ऋचा

वहीं, ऋचा भारती ने रांची की अदालत के फैसले को मानने से इनकार कर दिया था। अदालत के इस फैसले पर ऋचा भारती ने कहा कि जो भी अदालत में कहा गया वो मौखिक था। न मैं अदालत में थी और अदालत का फैसला मुझे लिखित में भी नहीं मिला। अदालत के फैसले को मानने से इनकार करते हुए ऋचा ने कहा था कि वैसे तो में हजार कुरान की कॉपियां बांट सकती हूं लेकिन सजा के तौर पर नहीं।



ऋचा भारती ने अपनी पोस्ट पर सफाई देते हुए कहा था कि वो पोस्ट मैंने नहीं लिखी थी और उसे आपत्तिजनक कहना गलत है। मैंने तो बस उसे शेयर किया था। मैं फेसबुक के बहुत सारे ग्रुप में हूं। उन ग्रुप में जो कुछ मुझे सही लगता है मैं शेयर कर देती हूं। ऋचा ने कहा था कि मैंने भारतीय मुसलमानों के खिलाफ कुछ नहीं लिखा। मैंने तो रोहिंग्या मुस्लिमों पर पोस्ट की थी। किसी की भावना को आहत करना मेरा मकसद नहीं था। 

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