फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   khunti birsa harit kranti yojana farmers income horticulture success story

Jharkhand: बिरसा हरित क्रांति योजना से बदली किसानों की तकदीर, बंजर जमीन बनी फलदार बागानों का केंद्र

Sun, 31 May 2026 04:11 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Sun, 31 May 2026 04:11 PM IST
सार

खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड के कोड़ाकेल गांव में बिरसा हरित क्रांति योजना के तहत बंजर जमीन को फलदार बागानों में बदला गया है। किसानों को सिंचाई सुविधा, पौधे और तकनीकी सहायता मिलने से खेती और बागवानी को बढ़ावा मिला है।

विज्ञापन
khunti birsa harit kranti yojana farmers income horticulture success story
खूंटी में बिरसा हरित क्रांति योजना से किसानों की आय बढ़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड में किसानों की आय बढ़ाने और बंजर भूमि के बेहतर उपयोग को लेकर शुरू की गई बिरसा हरित क्रांति योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की नई मिसाल पेश कर रही है। इस योजना के तहत किसानों को फलदार पौधे, सिंचाई सुविधा और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती और बागवानी को नई दिशा मिल रही है। खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड स्थित कोड़ाकेल गांव इस योजना की सफलता का एक प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है।

विज्ञापन


बंजर जमीन पर शुरू हुई बागवानी, बदल गई गांव की तस्वीर

कोड़ाकेल गांव में पहले बड़ी मात्रा में भूमि बंजर पड़ी रहती थी। सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान खेती नहीं कर पाते थे और रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर थे। लेकिन बिरसा हरित क्रांति योजना के लागू होने के बाद स्थिति बदल गई। यहां किसानों को मनरेगा के तहत कुआं और सोलर आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे बागवानी को बढ़ावा मिला। ग्रामसभा के माध्यम से किसानों का चयन कर उन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है।
विज्ञापन


किसानों ने उगाए आम, अमरूद और ड्रैगन फ्रूट

गांव की किसान मालती देवी बताती हैं कि उनकी दो एकड़ बंजर जमीन अब उपजाऊ बागान में बदल चुकी है। यहां आम, लीची, अमरूद, नींबू, अनार और ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए पौधों और तकनीकी मार्गदर्शन से बगीचे की अच्छी देखभाल हो रही है। अब उनके बगीचे में आम, लीची और अमरूद की अच्छी पैदावार हो रही है और व्यापारी सीधे गांव आकर फलों की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों की आय में बढ़ोतरी, आत्मनिर्भरता की ओर कदम

मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने बताया कि सरकार की कृषि और बागवानी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित क्रांति योजना से सैकड़ों किसान आत्मनिर्भर बने हैं। इस वर्ष प्रखंड में लगभग 386 एकड़ भूमि पर फल और सब्जियों की खेती की जा रही है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला मजबूत आधार

यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही है। साथ ही यह किसानों के जीवन में स्थायी खुशहाली लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed