फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Ranchi News ›   jharkhand high court orders arrears salary increments for 91 jap employees

झारखंड हाईकोर्ट का आदेश: जेएपी के 91 कर्मचारियों को मिलेगा पांच साल का बकाया वेतन, इंक्रीमेंट भी देना होगा

Wed, 14 Oct 2026 04:22 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 14 Oct 2026 04:22 PM IST
सार

झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड सशस्त्र पुलिस के 91 चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए सेवा से बाहर रहने की अवधि का बकाया वेतन, इंक्रीमेंट और अन्य सेवा लाभ देने का आदेश दिया है। कर्मचारी 23 जून 2016 से 22 जनवरी 2021 तक सेवा से बाहर रहे थे।

विज्ञापन
jharkhand high court orders arrears salary increments for 91 jap employees
झारखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी) के 91 चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए सेवा से बाहर रहने की अवधि का बकाया वेतन और इंक्रीमेंट सहित सभी परिणामी सेवा लाभ देने का आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सोनू कुमार एवं अन्य की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय दिया। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को पूर्व में दिकेश कुमार एवं अन्य के मामले में पारित आदेश के आलोक में समान राहत दी है। इस फैसले से कर्मचारियों की सेवा से बाहर रहने की अवधि के बकाया वेतन का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन


नियुक्तियां रद्द होने से उत्पन्न हुआ विवाद
यह पूरा मामला वर्ष 2016 में झारखंड सशस्त्र पुलिस में चतुर्थवर्गीय पदों पर की गई नियुक्तियों से जुड़ा हुआ है। उस दौरान राज्य सरकार ने जेएपी में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों का चयन किया था, परंतु बाद में इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था। सरकार के इस निर्णय के कारण सभी चयनित कर्मचारियों को सेवा से बाहर होना पड़ा। तत्पश्चात, प्रभावित कर्मचारियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेशों के आलोक में इन कर्मचारियों को पुनः सेवा में बहाल तो कर दिया गया, लेकिन सेवा से बाहर रहने की अवधि के दौरान के वेतन और इंक्रीमेंट का विवाद बना हुआ था। कर्मचारी 23 जून, 2016 से 22 जनवरी, 2021 तक की अवधि के दौरान सेवा से बाहर रहे थे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- झारखंड: बच्चा चोर होने के शक में युवक की हत्या, दो आरोपित गिरफ्तार; पीट-पीटकर मार डाला था
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार का इन्कार और कर्मचारियों का पक्ष
पुनर्बहाली के उपरांत जब कर्मचारियों ने अपनी अनुपस्थिति वाली अवधि के वेतन की मांग की, तो राज्य सरकार ने इसका विरोध किया। सरकार ने 'नो वर्क, नो पे' यानी 'काम नहीं तो वेतन नहीं' के सिद्धांत का हवाला देते हुए बकाया वेतन देने से इन्कार कर दिया था। राज्य सरकार का तर्क था कि चूंकि कर्मचारियों ने इस अवधि में कोई कार्य नहीं किया है, इसलिए उन्हें वेतन देने का आधार नहीं बनता है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि कर्मचारी अपनी स्वेच्छा से कार्य से अलग नहीं रहे थे। राज्य सरकार द्वारा नियुक्तियां रद्द किए जाने के निर्णय के कारण ही वे कार्य करने के अवसर से वंचित हुए थे। ऐसे में इसका प्रतिकूल प्रभाव कर्मचारियों पर डालना न्यायसंगत नहीं है।

तर्कों को किया स्वीकार 
अदालत में याचिकाकर्ताओं ने पक्ष रखा कि जब न्यायालय के निर्देश पर उनकी पुनर्बहाली की जा चुकी है, तो उन्हें सेवा से बाहर रखने की अवधि के आर्थिक नुकसान से भी राहत मिलनी चाहिए। काम न कर पाने की स्थिति उनके नियंत्रण में नहीं थी, इसलिए उन्हें इंक्रीमेंट और अन्य लाभ दिए जाने चाहिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने पूर्व में दिकेश कुमार एवं अन्य के मामले में दिए गए फैसले का हवाला दिया। पूर्व के मामले में भी अदालत ने बर्खास्तगी की तिथि से लेकर पुनर्बहाली तक की अवधि का पूरा बकाया वेतन और इंक्रीमेंट देने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए 91 कर्मचारियों को समान राहत प्रदान की। अदालत के निर्णय के बाद अब कर्मचारियों को इस अवधि का बकाया वेतन, इंक्रीमेंट तथा अन्य सेवा लाभ प्राप्त हो सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed