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Jharkhand Budget 2026-27: विधानसभा में पेश होगा 2026-27 का बजट, 1.62 लाख करोड़ का हो सकता है आकार
Tue, 24 Feb 2026 10:07 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 10:07 AM IST
सार
Jharkhand Budget 2026-27: झारखंड विधानसभा में आज हेमंत सोरेन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करगी। राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग ₹1.45 लाख करोड़ का बजट पेश किया था, जिसे 'अबुआ बजट' नाम दिया गया था।
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झारखंड बजट 2026-27
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन मंगलवार को हेमंत सोरेन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में पेश करेगी। इस बार राज्य का बजट आकार लगभग 1.62 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई जा रही है। सरकार की प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण विकास को प्रमुख स्थान मिलने के संकेत हैं।
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पिछले साल पेश किया गया था 'अबुआ बजट'
राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग ₹1.45 लाख करोड़ का बजट पेश किया था, जिसे 'अबुआ बजट' नाम दिया गया था। उस बजट को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रस्तुत किया था, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया था।
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पिछले बजट की प्रमुख विशेषताएं
वर्ष 2025-26 के बजट में महिला-बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई थी। इस मद में ₹22,023 करोड़ का प्रावधान किया गया था। इसमें मैया सम्मान योजना के लिए अकेले लगभग ₹13,363 करोड़ आवंटित किए गए, जो बजट का सबसे बड़ा एकल प्रावधान था। वहीं नि:शुल्क बिजली योजना के लिए ₹5,005 करोड़ निर्धारित किए गए थे। शिक्षा क्षेत्र में स्कूल शिक्षा के लिए ₹15,198 करोड़ तथा उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए ₹2,409 करोड़ का प्रावधान किया गया था। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹7,470 करोड़ आवंटित किए गए थे। ग्रामीण विकास विभाग को ₹9,841 करोड़, कृषि विभाग को ₹4,588 करोड़, जल संसाधन विभाग को ₹2,257 करोड़ तथा पंचायती राज विभाग को ₹2,144 करोड़ की राशि दी गई थी। इसके अलावा पुलिस, पर्यटन, श्रम, सूचना प्रौद्योगिकी समेत अन्य विभागों के लिए भी अलग-अलग प्रावधान किए गए थे।
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बजट में प्राथमिकताओं का संतुलन
पिछले बजट में सामाजिक सुरक्षा एवं महिला-बाल विकास पर लगभग 15 प्रतिशत, शिक्षा पर 12-13 प्रतिशत, स्वास्थ्य पर 5-6 प्रतिशत तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायत योजनाओं पर करीब 8-9 प्रतिशत खर्च का प्रावधान रखा गया था। इस वर्ष पेश होने वाले बजट से राज्य में विकास योजनाओं के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की मजबूती, रोजगार के नए अवसर और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बजट पेश होने के बाद सरकार की आर्थिक रणनीति और विकास रोडमैप स्पष्ट होगा।