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पुलिस बल तैनात: जेएनयू प्रकरण पर जमशेदपुर में भाजपा-कांग्रेस भिड़े, जमकर पत्थरबाजी; चार कार्यकर्ता घायल
Mon, 12 Oct 2026 08:23 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Mon, 12 Oct 2026 08:23 PM IST
सार
जमशेदपुर में जेएनयू से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न प्रकरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी के बाद हिंसक झड़प और पत्थरबाजी हुई।
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जेएनयू प्रकरण पर सियासी घमासान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न प्रकरण को लेकर जमशेदपुर की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव देखने को मिला। सोमवार को बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कार्यकर्ताओं के बीच शुरू हुई तीखी नारेबाजी अचानक हिंसक झड़प में बदल गई।
इस दौरान दोनों तरफ से लाठियां चलीं और जमकर पत्थरबाजी हुई। इस घटना में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि कांग्रेस का भी एक कार्यकर्ता घायल हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ने पर भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू घटनास्थल पर ही धरने पर बैठ गईं, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया। हालांकि, लगभग आधे घंटे तक विरोध जताने के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया।
घटना की सूचना पाते ही बिष्टुपुर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तिलक पुस्तकालय परिसर और आसपास के इलाकों को नियंत्रित करके स्थिति को संभालने का प्रयास किया। एहतियात के तौर पर कांग्रेस कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। वर्तमान में पुलिस पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए है ताकि हिंसा की पुनरावृत्ति न हो सके।
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जी टाउन मैदान से निकाला मार्च
जेएनयू प्रकरण के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसी योजना के तहत सोमवार को बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता जी टाउन मैदान में एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने वहां से एक जुलूस की शुरुआत की और नारेबाजी करते हुए बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय की तरफ बढ़े।
दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ताओं के आगमन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी तिलक पुस्तकालय के बाहर अपना मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही भाजपा का मार्च कांग्रेस कार्यालय के समीप पहुंचा, वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर आ गए। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ उग्र नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों दलों के समर्थकों के बीच कहासुनी बढ़ी और स्थिति पूरी तरह अनियंत्रित हो गई।
कार्यकर्ता घायल
दोनों ओर से बढ़ता तनाव कुछ ही पलों में हिंसक भिड़ंत में तब्दील हो गया। सड़क पर ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठियां चलने लगीं और पथराव शुरू हो गया। पत्थरबाजी के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस हिंसक झड़प में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं के सिर में चोट लग गई, जिससे वे लहूलुहान हो गए। वहीं कांग्रेस का भी एक कार्यकर्ता इस हिंसा की चपेट में आकर चोटिल हुआ है। हालांकि, घटना में कुल कितने लोग चोटिल हुए हैं, इसकी सटीक और आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आ सकी है। इसके अलावा, हिंसा की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई और किन परिस्थितियों में मामला इतना अधिक बढ़ा, इस बात की भी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
ये भी पढ़ें- दो परिवारों के बुझ गए चिराग: बिहार में ट्रैक्टर पलटने से दो की मौत, तीन घायल; घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
कांग्रेस कार्यालय के बाहर बढ़ा तनाव
हिंसक झड़प की इस घटना के तुरंत बाद भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू तिलक पुस्तकालय के बाहर ही सड़क पर धरने पर बैठ गईं। उनके धरने पर बैठते ही दोनों पक्षों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया तथा स्थिति संवेदनशील हो गई। भाजपा विधायक लगभग आधे घंटे तक सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराती रहीं। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त किया।
घटना के बाद बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बल के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल पूरी तरह से नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
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इस दौरान दोनों तरफ से लाठियां चलीं और जमकर पत्थरबाजी हुई। इस घटना में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि कांग्रेस का भी एक कार्यकर्ता घायल हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ने पर भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू घटनास्थल पर ही धरने पर बैठ गईं, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया। हालांकि, लगभग आधे घंटे तक विरोध जताने के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया।
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घटना की सूचना पाते ही बिष्टुपुर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तिलक पुस्तकालय परिसर और आसपास के इलाकों को नियंत्रित करके स्थिति को संभालने का प्रयास किया। एहतियात के तौर पर कांग्रेस कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। वर्तमान में पुलिस पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए है ताकि हिंसा की पुनरावृत्ति न हो सके।
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जी टाउन मैदान से निकाला मार्च
जेएनयू प्रकरण के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसी योजना के तहत सोमवार को बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता जी टाउन मैदान में एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने वहां से एक जुलूस की शुरुआत की और नारेबाजी करते हुए बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय की तरफ बढ़े।
दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ताओं के आगमन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी तिलक पुस्तकालय के बाहर अपना मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही भाजपा का मार्च कांग्रेस कार्यालय के समीप पहुंचा, वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर आ गए। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ उग्र नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों दलों के समर्थकों के बीच कहासुनी बढ़ी और स्थिति पूरी तरह अनियंत्रित हो गई।
कार्यकर्ता घायल
दोनों ओर से बढ़ता तनाव कुछ ही पलों में हिंसक भिड़ंत में तब्दील हो गया। सड़क पर ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठियां चलने लगीं और पथराव शुरू हो गया। पत्थरबाजी के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस हिंसक झड़प में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं के सिर में चोट लग गई, जिससे वे लहूलुहान हो गए। वहीं कांग्रेस का भी एक कार्यकर्ता इस हिंसा की चपेट में आकर चोटिल हुआ है। हालांकि, घटना में कुल कितने लोग चोटिल हुए हैं, इसकी सटीक और आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आ सकी है। इसके अलावा, हिंसा की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई और किन परिस्थितियों में मामला इतना अधिक बढ़ा, इस बात की भी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
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कांग्रेस कार्यालय के बाहर बढ़ा तनाव
हिंसक झड़प की इस घटना के तुरंत बाद भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू तिलक पुस्तकालय के बाहर ही सड़क पर धरने पर बैठ गईं। उनके धरने पर बैठते ही दोनों पक्षों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया तथा स्थिति संवेदनशील हो गई। भाजपा विधायक लगभग आधे घंटे तक सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराती रहीं। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त किया।
घटना के बाद बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बल के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल पूरी तरह से नियंत्रण में है और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।