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झारखंड में खौफनाक वारदात: दो बहनों को घर बुलाया, रात में कुल्हाड़ी से काट डाला; हत्या के बाद थाने पहुंचा भाई
Mon, 12 Oct 2026 07:30 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Mon, 12 Oct 2026 07:30 PM IST
सार
झारखंड के धालभूमगढ़ प्रखंड के बाबईदा गांव में अंधविश्वास और तांत्रिक अनुष्ठान के शक में एक युवक ने अपनी दो सगी बहनों की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान लक्ष्मी मुंडी (50) और दुलारी सोरेन (52) के रूप में हुई है। वारदात के बाद आरोपी स्वरूप टुडू ने धालभूमगढ़ थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पढ़ें पूरी खबर
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हत्या। सांकेतिक फोटो
विस्तार
धालभूमगढ़ के प्रखंड की रावताड़ा पंचायत अंतर्गत बाबईदा गांव में अंधविश्वास और तांत्रिक अनुष्ठान के शक में एक भाई ने अपनी दो सगी बहनों की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई ने सीधे धालभूमगढ़ थाने पहुंचकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस खौफनाक दोहरे हत्याकांड से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश तथा भय का माहौल बना हुआ है।
अंधविश्वास और पूजा-पाठ का खेल
प्राप्त विवरण के अनुसार आरोपी स्वरूप टुडू ने बीती रात अपने घर पर एक ओझा-गुनी को बुलाया था। तांत्रिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ में शामिल होने के बहाने उसने अपनी दोनों बड़ी बहनों को भी घर पर आमंत्रित किया था। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय लक्ष्मी मुंडी और 52 वर्षीय दुलारी सोरेन के रूप में हुई है। रातभर चले पूजा-पाठ और अनुष्ठान के बाद जब दोनों बहनें घर में गहरी नींद में सो रही थीं, तब आरोपी स्वरूप टुडू ने कुल्हाड़ी से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दोनों की हत्या कर दी।
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पुलिस जांच और आत्मसमर्पण
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी स्वरूप टुडू मौके से भागा नहीं, बल्कि वह सीधे धालभूमगढ़ थाना पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। धालभूमगढ़ थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा दलबल के साथ बाबईदा गांव पहुंचे और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अब इस बात की गहनता से छानबीन कर रही है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे ओझा-गुनी या अंधविश्वास का असल कारण क्या था। इसके साथ ही पुलिस इस कोण की भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
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अंधविश्वास और पूजा-पाठ का खेल
प्राप्त विवरण के अनुसार आरोपी स्वरूप टुडू ने बीती रात अपने घर पर एक ओझा-गुनी को बुलाया था। तांत्रिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ में शामिल होने के बहाने उसने अपनी दोनों बड़ी बहनों को भी घर पर आमंत्रित किया था। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय लक्ष्मी मुंडी और 52 वर्षीय दुलारी सोरेन के रूप में हुई है। रातभर चले पूजा-पाठ और अनुष्ठान के बाद जब दोनों बहनें घर में गहरी नींद में सो रही थीं, तब आरोपी स्वरूप टुडू ने कुल्हाड़ी से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दोनों की हत्या कर दी।
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पुलिस जांच और आत्मसमर्पण
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी स्वरूप टुडू मौके से भागा नहीं, बल्कि वह सीधे धालभूमगढ़ थाना पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। धालभूमगढ़ थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा दलबल के साथ बाबईदा गांव पहुंचे और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अब इस बात की गहनता से छानबीन कर रही है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे ओझा-गुनी या अंधविश्वास का असल कारण क्या था। इसके साथ ही पुलिस इस कोण की भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।