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झारखंड: धनबाद की हर पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र, 419 नये आंगनबाड़ी भवन और 140 स्कूल बनेंगे
Sat, 17 Oct 2026 03:25 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sat, 17 Oct 2026 03:25 PM IST
सार
जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के तहत हर पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र, 419 नये आंगनबाड़ी भवन और 140 स्कूल बनाए जाएंगे। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए तैयार किए गए 2,536 नई योजनाओं के प्रस्ताव इन्हें शामिल किया गया है। उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित न्यास परिषद की बैठक में इन योजनाओं की समीक्षा की गई।
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उपायुक्त आदित्य रंजन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
डीएमएफटी के तहत हर पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र, नये आंगनबाड़ी भवन और स्कूल बनाए जाएंगे। उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने बताया कि कुल बजट की 70 प्रतिशत राशि स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर खर्च होगी। शेष 30 प्रतिशत राशि से सड़क, ऊर्जा और अन्य आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन जनकल्याणकारी योजनाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले तीन से छह माह में इन योजनाओं के दृश्य परिणाम दिखने लगेंगे। प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक क्रियाशील स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थापित करना और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधायुक्त भवन देना प्राथमिकता है। निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर दो से तीन दिनों में जांच दल भेजने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
जिले में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर 140 विद्यालयों का विकास कार्य आरंभ किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और पीएम-श्री की तर्ज पर 391 सरकारी विद्यालयों के नवीनीकरण की योजना बनाई गई है। अब तक 87 स्कूलों में आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, पुस्तकालय और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 413 अन्य विद्यालयों में यह व्यवस्था प्रस्तावित है। जिले के 1,558 स्कूलों के विद्यार्थियों को थाली और गिलास प्रदान किए गए हैं तथा आठ प्रखंडों के 2,863 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बलियापुर के बालिका मध्य विद्यालय, गोविंदपुर के मध्य विद्यालय बरवा पश्चिम और झरिया के राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय के भवन निर्माण की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में, सदर अस्पताल की ओपीडी पंजीकरण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया गया है। यहां वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए पृथक काउंटर तथा सखी हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध है। आधुनिक आई-ओटी के माध्यम से 415 से अधिक मरीजों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन संपन्न हुआ है। अस्पताल में ऑर्थोपेडिक सर्जरी, 12 बेड की मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट तथा 14 बेड का कुपोषण उपचार केंद्र संचालित हो रहा है। तोपचांची में डायलिसिस यूनिट भी आरंभ की गई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दो लाख बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 1,600 बच्चों का उपचार कराया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों और पेयजल का ढांचा
जिले में 201 आंगनबाड़ी केंद्रों को नए भवन उपलब्ध कराए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक 82.5 प्रतिशत केंद्रों को पक्के भवनों में संचालित करने के लक्ष्य के तहत 419 नए भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें बाघमारा में 113, झरिया में 79, धनबाद में 75, निरसा में 65, सिंदरी में 59 और टुंडी में 28 भवन शामिल हैं। इन केंद्रों को मॉडल प्री-नर्सरी स्कूल के रूप में विकसित करते हुए पेयजल, शौचालय और बिजली की सुविधा प्रदान की जाएगी।
बुनियादी विकास और जनप्रतिनिधियों की राय
पेयजल व्यवस्था हेतु 7,901 ट्यूबवेलों का नियमित अनुरक्षण तथा 97 उच्च क्षमता वाले ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं। महुदा बस्ती, पंचेत, मैथन, तेलमच्चो और नॉर्थ जोन जलापूर्ति योजनाओं को मजबूत किया जा रहा है। जल संरक्षण की 793 तालाब योजनाओं में से 205 को स्वीकृति प्रदान की गई है। बलियापुर, निरसा, तोपचांची, राजगंज, मुराईडीह और फुलवारीटांड़ में ग्रामीण हाट-बाजार विकसित किए जा रहे हैं। तोपचांची में जामुनटांड़ पुल का पुनर्निर्माण और लोहपिट्टी में पीसीसी सड़क निर्माण स्वीकृत हुआ है। बैठक में टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, निरसा विधायक अरूप चटर्जी और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी विकास संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
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उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन जनकल्याणकारी योजनाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले तीन से छह माह में इन योजनाओं के दृश्य परिणाम दिखने लगेंगे। प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक क्रियाशील स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थापित करना और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधायुक्त भवन देना प्राथमिकता है। निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर दो से तीन दिनों में जांच दल भेजने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
जिले में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर 140 विद्यालयों का विकास कार्य आरंभ किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और पीएम-श्री की तर्ज पर 391 सरकारी विद्यालयों के नवीनीकरण की योजना बनाई गई है। अब तक 87 स्कूलों में आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, पुस्तकालय और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि 413 अन्य विद्यालयों में यह व्यवस्था प्रस्तावित है। जिले के 1,558 स्कूलों के विद्यार्थियों को थाली और गिलास प्रदान किए गए हैं तथा आठ प्रखंडों के 2,863 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बलियापुर के बालिका मध्य विद्यालय, गोविंदपुर के मध्य विद्यालय बरवा पश्चिम और झरिया के राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय के भवन निर्माण की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
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स्वास्थ्य क्षेत्र में, सदर अस्पताल की ओपीडी पंजीकरण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया गया है। यहां वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए पृथक काउंटर तथा सखी हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध है। आधुनिक आई-ओटी के माध्यम से 415 से अधिक मरीजों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन संपन्न हुआ है। अस्पताल में ऑर्थोपेडिक सर्जरी, 12 बेड की मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट तथा 14 बेड का कुपोषण उपचार केंद्र संचालित हो रहा है। तोपचांची में डायलिसिस यूनिट भी आरंभ की गई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दो लाख बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 1,600 बच्चों का उपचार कराया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों और पेयजल का ढांचा
जिले में 201 आंगनबाड़ी केंद्रों को नए भवन उपलब्ध कराए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक 82.5 प्रतिशत केंद्रों को पक्के भवनों में संचालित करने के लक्ष्य के तहत 419 नए भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें बाघमारा में 113, झरिया में 79, धनबाद में 75, निरसा में 65, सिंदरी में 59 और टुंडी में 28 भवन शामिल हैं। इन केंद्रों को मॉडल प्री-नर्सरी स्कूल के रूप में विकसित करते हुए पेयजल, शौचालय और बिजली की सुविधा प्रदान की जाएगी।
बुनियादी विकास और जनप्रतिनिधियों की राय
पेयजल व्यवस्था हेतु 7,901 ट्यूबवेलों का नियमित अनुरक्षण तथा 97 उच्च क्षमता वाले ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं। महुदा बस्ती, पंचेत, मैथन, तेलमच्चो और नॉर्थ जोन जलापूर्ति योजनाओं को मजबूत किया जा रहा है। जल संरक्षण की 793 तालाब योजनाओं में से 205 को स्वीकृति प्रदान की गई है। बलियापुर, निरसा, तोपचांची, राजगंज, मुराईडीह और फुलवारीटांड़ में ग्रामीण हाट-बाजार विकसित किए जा रहे हैं। तोपचांची में जामुनटांड़ पुल का पुनर्निर्माण और लोहपिट्टी में पीसीसी सड़क निर्माण स्वीकृत हुआ है। बैठक में टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, निरसा विधायक अरूप चटर्जी और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी विकास संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।