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झारखंड: छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा, जांच के आदेश

Sat, 17 Oct 2026 03:42 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: प्रतीक पांडेय Updated Sat, 17 Oct 2026 03:42 PM IST
सार

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन पर पुलिस की कथित कार्रवाई का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। 

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The issue of police action against the jharkhand student movement has reached the Human Rights Commission
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छात्र नेता की शिकायत के आधार पर धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत की है।
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आधी रात को पुलिस की गाड़ियां पहुंचने का आरोप
आंदोलन से जुड़े जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रदर्शन के बाद रात करीब 12:30 बजे पुलिस के दो वाहन चंडी तिवारी के आवास पर पहुंचे। छात्र नेता का दावा है कि रात के समय पुलिस की गाड़ियां पहुंचने से उनके परिवार के लोग भयभीत हो गए और उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
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आंदोलनकारी छात्रों पर FIR दर्ज करने पर भी आपत्ति
छात्र नेता चंडी तिवारी की शिकायत में आंदोलनकारी छात्रों और छात्र नेता के खिलाफ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर भी गंभीर आपत्ति जताई गई है। शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के बाद हुई कार्रवाई से आंदोलन से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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धनबाद पुलिस को करनी होगी पूरे मामले की जांच
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद धनबाद पुलिस को शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच करनी होगी। इसमें रात के समय पुलिस वाहनों के छात्र नेता के आवास पर पहुंचने और आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शामिल होगी।


रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई
धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्धारित दो सप्ताह की समयसीमा में आयोग के समक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आयोग मामले में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। फिलहाल आयोग के निर्देश के बाद इस मामले में पुलिस की जांच और रिपोर्ट पर नजर रहेगी।
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