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झारखंड: लापरवाह अफसर-कर्मचारियों पर गिरी गाज, 9 महीने में 312 पर कार्रवाई; 28 निलंबित

Tue, 15 Sep 2026 10:10 AM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Tue, 15 Sep 2026 10:10 AM IST
सार

झारखंड सरकार ने सरकारी कार्यों में लापरवाही, प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी और अनुशासनहीनता के मामलों में 1 जनवरी से 14 सितंबर 2026 के बीच 312 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

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Government cracks down on negligence in official duties; action taken against 312 officers and employees.
सीएम हेमंत सोरेन फ़ाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकारी काम में लापरवाही, प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी और अनुशासनहीनता करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर झारखंड सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद विभिन्न विभागों में ऐसे मामलों को चिन्हित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार के अनुसार, 1 जनवरी से 14 सितंबर 2026 के बीच अनुशासनहीनता और काम में लापरवाही से जुड़े मामलों में कुल 312 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के इंजीनियर और कर्मचारी भी शामिल हैं।

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गंभीर लापरवाही के 142 मामले, वेतन रोकने की कार्रवाई

सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही के 142 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही जिस अवधि में लापरवाही सामने आई, उस अवधि का वेतन रोकने की कार्रवाई भी की गई है। सरकार ने साफ किया है कि सरकारी जिम्मेदारियों को निभाने में किसी भी स्तर पर गंभीर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का समय पर और जिम्मेदारी के साथ पालन करने की अपेक्षा की गई है।

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88 कर्मचारियों की सर्विस बुक में दर्ज हुई निंदा

उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने और लगातार काम में सुस्ती बरतने वाले 88 कर्मचारियों की सर्विस बुक में निंदा प्रविष्टि दर्ज की गई है। इस कार्रवाई का असर संबंधित कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड पर पड़ेगा। भविष्य में पदोन्नति के दौरान भी इस प्रविष्टि को ध्यान में रखा जा सकता है।

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54 मामलों में वेतन वृद्धि रोकी गई

प्रशासनिक निर्देशों का उल्लंघन और अनुशासनहीनता के 54 मामलों में संबंधित कर्मचारियों की एक या उससे अधिक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इन मामलों में संचयी या असंचयी प्रभाव के साथ वेतन वृद्धि रोकने का दंड दिया गया है।

वित्तीय अनियमितता और लंबे समय तक गैरहाजिरी पर 28 निलंबित

वित्तीय अनियमितता करने और लंबे समय तक बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के 28 गंभीर मामलों में निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबित किए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। सरकार की ओर से संबंधित विभागों को मामलों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ाने पर जोर

झारखंड सरकार की इस कार्रवाई को सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों में समयबद्धता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में लापरवाही पर प्रभावी रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि सरकारी कामकाज में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और अनुशासनहीनता को अब गंभीरता से लिया जाएगा और मामलों की प्रकृति के अनुसार संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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