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Hindi News ›   Jharkhand ›   Five MLAs are in the race to become ministers following the demise of the late minister Sudivya

झारखंड: दो पद खाली, पांच दावेदार! हेमंत सोरेन कैबिनेट विस्तार को लेकर झामुमो में तेज हुई हलचल

Thu, 10 Sep 2026 10:28 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Thu, 10 Sep 2026 10:28 PM IST
सार

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दो मंत्रियों के निधन के बाद खाली हुए पदों पर झामुमो के विधायकों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। मथुरा महतो, राम सूर्य मुंडा, अनंत प्रताप देव, सुदीप गुड़िया और बसंत सोरेन के नाम चर्चा में हैं।

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Five MLAs are in the race to become ministers following the demise of the late minister Sudivya
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी सुगबुगाहट तेज हो गई है। दो मंत्रियों के निधन के बाद मंत्रिमंडल में दो पद खाली हैं। दोनों ही मंत्री झारखंड मुक्ति मोर्चा कोटे से थे। ऐसे में माना जा रहा है कि खाली हुए दोनों मंत्री पद झामुमो के विधायकों को ही मिल सकते हैं।

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दरअसल, पिछले वर्ष तत्कालीन शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी नगर विकास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को सौंपी गई थी। सुदिव्य सोनू के हाल में निधन के बाद अब शिक्षा के साथ-साथ नगर विकास, पर्यटन और उत्पाद जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी प्रभावित हुए हैं। इसके चलते सरकार में कैबिनेट विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है।

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झामुमो के भीतर मंत्री पद को लेकर कई विधायकों के नाम चर्चा में हैं। इनमें मथुरा महतो, राम सूर्य मुंडा, अनंत प्रताप देव, सुदीप गुड़िया और बसंत सोरेन के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। पार्टी के अंदर इन पांच विधायकों में से दो को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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हालांकि, मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा, इसका अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विशेषाधिकार है। क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण के साथ-साथ राजनीतिक अनुभव और संगठन में भूमिका को ध्यान में रखते हुए नाम तय किए जा सकते हैं। फिलहाल झामुमो के अंदर संभावित मंत्रियों को लेकर चर्चा तेज है और सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के फैसले पर टिकी हैं।

 

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