झारखंड: ओलंपियन निक्की प्रधान के गांव का रास्ता बदहाल, शिलान्यास के ढाई साल बाद भी पुल अधूरा
रांची में ओलंपियन निक्की प्रधान के गांव हिसल को जोड़ने वाले मार्ग पर पुल का निर्माण शिलान्यास के ढाई साल बाद भी अधूरा है। अस्थायी डायवर्सन से ग्रामीणों का आवागमन जारी है, लेकिन बारिश में रास्ता जलमग्न होने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है।
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भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी और ओलंपियन निक्की प्रधान के गांव हिसल जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर पुल निर्माण का काम शिलान्यास के ढाई साल बाद भी अधूरा पड़ा है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एनएच-20 स्थित नील फैक्ट्री से खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग के पेलौल गांव तक बनी सड़क भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त होने लगी है।
इस मार्ग पर 9 दिसंबर 2023 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने 22.40 मीटर लंबे पुल का शिलान्यास किया था। पुल का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल खूंटी की ओर से कराया जा रहा है। शिलान्यास के दो साल से अधिक समय बीतने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों के लगातार दबाव के बाद ठेकेदार की ओर से पुल निर्माण स्थल पर तीन ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी कच्चा डायवर्सन बनाया गया है। इससे बाइक, ऑटो और छोटे चारपहिया वाहन किसी तरह आवागमन कर रहे हैं, लेकिन बड़ी गाड़ियों का गुजरना संभव नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान डायवर्सन के ऊपर से पानी बहने लगता है, जिससे रास्ता पूरी तरह बाधित हो जाता है। ऐसी स्थिति में कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है।
यह मार्ग क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है। पेलौल से नील फैक्ट्री के बीच निक्की प्रधान का गांव हिसल स्थित है। इसके अलावा सांसद कालीचरण मुंडा का गांव माहिल, पेरका, हांसा सहित कई गांव इसी सड़क से जुड़े हैं। गानालोया, ओस्केया, बम्हनी, बालो, तोरपा और तपकरा जाने वाले लोगों के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के बाद आवागमन सुगम होने की उम्मीद थी, लेकिन पुल अधूरा रहने से बरसात में समस्या और बढ़ जाती है। लोगों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य में तेजी लाने और जल्द से जल्द पुल को पूरा कर स्थायी आवागमन बहाल करने की मांग की है।