झारखंड: दुमका में चार लाख की प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली दवाएं जब्त, दो गिरफ्तार; जेल भेजे गए
दुमका पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन ठिकानों पर छापेमारी कर 1,710 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप और 7,200 एल्प्राजोलम टैबलेट जब्त कीं। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
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पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 कार्टन कफ सिरप और 7,200 एल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की हैं। जब्त दवाओं की अनुमानित बाजार कीमत करीब चार लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में यूसुफ अंसारी और शमशेर अंसारी को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया। वहीं, गिरोह का मुख्य आरोपी इस्राइल अंसारी फिलहाल फरार है।
तीन स्थानों पर पुलिस ने की छापेमारी
दुमका के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जरमुंडी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नवल किशोर सिंह की देखरेख में विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि चरकापाथर गांव में बिजली कैंप के पास स्थित एक मकान में नशीली दवाओं का भंडारण किया गया है।
इसके बाद पुलिस टीम ने मोहम्मद इरशाद मियां के मकान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान वहां से पांच कार्टन प्रतिबंधित कफ सिरप और एल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की गईं। पूछताछ में मकान मालिक इरशाद मियां ने पुलिस को बताया कि मकान हंसडीहा थाना क्षेत्र के मुस्लिम टोला निवासी इस्राइल अंसारी, यूसुफ अंसारी उर्फ युनुस अंसारी और शमशेर अंसारी उर्फ केलू ने किराये पर लिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के हंसडीहा स्थित घर पर भी छापेमारी की।
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देवघर के ठिकाने से पांच कार्टन कफ सिरप बरामद
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के बलथर गांव में एक अन्य ठिकाने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर किराये के कमरे में छिपाकर रखे गए पांच और कार्टन कफ सिरप बरामद किए। पुलिस के अनुसार, पूरी कार्रवाई में 100 मिलीलीटर क्षमता की कुल 1,710 बोतल कफ सिरप और 7,200 एल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की गई हैं।
शमशेर पर आर्म्स एक्ट समेत छह मामले दर्ज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शमशेर अंसारी के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत पांच अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ पूर्व में हंसडीहा थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज हो चुका है। बिना चिकित्सकीय परामर्श और बिना लाइसेंस नशीली दवाओं का भंडारण किए जाने के मामले में पुलिस ने औषधि निरीक्षक को भी जांच के लिए सूचित किया है।