{"_id":"5d8c987b8ebc3e93cb76524d","slug":"raghubar-das-government-will-give-clothes-to-laborers-before-diwali-in-jharkhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड में दिवाली से पहले मजदूरों को कपड़े देगी रघुवर सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड में दिवाली से पहले मजदूरों को कपड़े देगी रघुवर सरकार
Thu, 26 Sep 2019 05:03 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आदित्यपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आदित्यपुर
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 26 Sep 2019 05:03 PM IST
विज्ञापन
रघुवर दास
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झारखंड के आदित्यपुर में बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि दिवाली से पहले झारखण्ड भवन निर्माण बोर्ड से जुड़े पुरुष श्रमिकों को शर्ट-पैंट और महिलाओं को साड़ियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री दास ने बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार सभी श्रमिकों का विकास चाहती है और इसके लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, उठाए जाएंगे, क्योंकि इनका राज्य और देश के नव निर्माण में अहम योगदान है।
विज्ञापन
दास ने कहा, मैं भी टाटा स्टील में मजदूर था, लेकिन झारखंड की जनता ने विकास और खुशहाली के लिए पूरे राज्य का मजदूर बनाकर भेजा। ऐसे में समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचना चाहिए। इसी ध्येय के साथ काम कर रहा हूं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, इसी सिलसिले में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और भवन निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित करने की खातिर सरायकेला-खरसांवा जिले के आदित्यपुर से आज श्रम शक्ति अभियान की शुरूआत कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अभियान का समापन दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर होगा। इस दौरान असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों जैसे सब्जी विक्रेता, रिक्शा चालक, ठेला चालक, खेतिहर मजदूरों आदि के साथ-साथ भवन निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का पंजीकरण मुफ्त में किया जा रहा है।
दास ने कहा कि इसके लिए सभी प्रखंडों और शहरों में जगह-जगह शिविर लगाए जाएंगे। मजदूरों का पंजीकरण कराने के पीछे सरकार का मकसद है कि इन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ ही काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण दिया जा सके।